
हरिद्वार। यूपी में 84 कोसी परिक्रमा पर रोक लगाने और संतों की गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए शहर सपा कार्यालय परिसर में घुस आए। सपा कार्यकर्ताओं के विरोध पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में पहले नोकझोंक और फिर हाथापाई हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर से लात-घूंसे चलने लगे। नगर कोतवाली पुलिस ने किसी तरह हालात पर काबू पाया।
ललतारौ पुल स्थित समाजवादी पार्टी के शहर कार्यालय पर लोहिया वाहिनी की बैठक चल रही थी। इसी बीच चौरासी कोसी परिक्रमा रोकने और संतों को गिरफ्तार करने के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते सपा कार्यालय के बाहर पहुंच गए। आरोप है कि कुछ उत्साही कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए कार्यालय परिसर में घुस आए। सपा प्रदेश महासचिव डा. राजेंद्र पाराशर, महानगर अध्यक्ष कुणाल गिरी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बैठक छोड़कर बाहर निकले। इन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के कार्यालय में घुसने का विरोध किया। मामला तूल पकड़ गया और कार्यालय परिसर में ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में हाथापाई हो गई। देखते ही देखते दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में लात घूंसे चलने शुरू हो गए। कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह कार्यकर्ताओं को शांत कराया। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता पुलिस की मौजूदगी में एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ता शक्ति त्यागी, संजय चौहान, अभिषेक गौड़, सतविंद्र सिंह, राहुल शर्मा, विपुल शर्मा, आदर्श, शुभम, किशन बजाज, पुष्पेंद्र राम , रोहित शुक्ला आदि मौजूद रहे। वहीं सपा की ओर से सोनल प्रिंस, नरेंद्र गुर्जर, लवकुमार दत्ता, अनुज कर्णवाल, सुभाष सिंह आदि उपस्थित थे। सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनोद बड़थ्वाल और काजी चांद ने प्रेस को जारी बयान में घटना की निंदा की है।
कोट-1
-सपा कार्यकर्ता तो अपने कार्यालय में बैठक कर रहे थे। भाजपा कार्यकर्ता कार्यालय में घुस आए और हंगामा करने लगे। हमने तो उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए समझाया।
– डा. राजेंद्र पाराशर, प्रदेश सचिव सपा।
वर्जन- 2
-यूपी की सपा सरकार साधु-संतों की परिक्रमा को रोक रही है। हमने तो केवल सपा कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन से सपा कार्यकर्ता भड़क गए और हमें वहां से हटाने लगे।
– शक्ति त्यागी, भाजयुमो नेता।
