936 स्कूलों में से 39 में ही हैं खेलों के शिक्षक

बागेश्वर। जिले के सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं का भारी अभाव है। 936 सरकारी विद्यालयों में से मात्र चार स्कूलों के पास खेल के मैदान हैं। साथ ही प्राथमिक स्तर के स्कूलों में सामान्य शिक्षक ही खेलों का भी प्रशिक्षण देते हैं। सभी 108 हाईस्कूलों और इंटर कालेजों में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक के पद स्वीकृत हैं। इनमें से मात्र 39 विद्यालयों में ही शारीरिक प्रशिक्षक कार्यरत हैं। 35 हजार नौनिहाल इस अभाव को झेल रहे हैं।
हॉकी, हैंडबाल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, खोखो, बाक्सिंग और ताइक्वांडो में जिले की की टीमें शिक्षा विभाग की राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिताओं में जगह बना चुकी हैं। एथलेटिक्स में कई सालों से यह सफलता मिल रही है। जिले के ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। लेकिन उनके पास आगे बढ़ने के लिए संसाधनों का अभाव है। यहां के सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाआें की भारी कमी है। जिले में 108 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट, 828 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। अन्य स्कूलों में छोटे-छोटे प्रांगण मात्र हैं। जहां प्रार्थना के साथ ही अन्य सामूहिक आयोजन और खेल गतिविधियां संचालित की जाती हैं। कुछ क्षेत्रों में अन्य विभागों के मैदानों में खेल गतिविधियां कराई जाती हैं। शिक्षा विभाग के जिला खेल समन्वयक कुंदन सिंह कालाकोटी ने बताया कि प्राथमिक स्तर की संस्थाओं में खेलों के लिए अलग से शिक्षक के पद स्वीकृत नहीं हैं। माध्यमिक स्तर की 108 संस्थाओं में से 39 में शारीरिक शिक्षा के प्रशिक्षक तैनात हैं। शेष संस्थाओं में पद रिक्त हैं। अभाव ग्रस्त विद्यालयों में गैर प्रशिक्षित शिक्षकों और अन्य स्कूलों के प्रशिक्षकों की मदद से यह कार्यक्रम कराए जाते हैं।

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