
काशीपुर। काशीपुर सहकारी गन्ना विकास और बिक्री समिति में वर्ष 2007-08 में कृषकों के फर्जी सट्टे (खाते) बनाकर गन्ना आपूर्ति कराने और 1.35 करोड़ रुपये का फर्जी तरीके से भुगतान घोटाला मामले में पुलिस ने दो अधिकारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
शनिवार को काशीपुर सहकारी गन्ना विकास समिति व बिक्री समिति लिमिटेड काशीपुर के सचिव प्रभारी सुजयेश चंद नवानी ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा था कि वर्ष 2007-08 में तत्कालीन विशेष सचिव और काशीपुर शुगर मिल के तत्कालीन प्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा समिति में कृषकों के फर्जी सट्टे बनवाकर गन्ना आपूर्ति कराया गया। उस समय 110 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नगद 1.35 करोड़ से अधिक का फर्जी तरीके से भुगतान निकाला गया। फर्जी तरीके से भुगतान का मामला प्रकाश में आने के बाद विभागीय जांच में पाया गया कि रामपुर और मुरादाबाद जिले के जिन 9 गांवों के 91 कृषकों के नाम से सट्टे किए गए और 110 रुपये प्रति कुंटल की दर से भुगतान निकाल लिया गया, वह कृषक उस गांव के निवासी नहीं हैं। इन किसानों के नाम से जो गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है वह किसान न तो समिति के सदस्य हैं और न ही उन गांव में उनका कोई अता पता है। जांच में काशीपुर चीनी मिल के तत्कालीन प्रबंधक एसके भटनागर और तत्कालीन सेवानिवृत्त विशेष सचिव अशोक कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाए गए।
इधर तहरीर के आधार पर पुलिस ने काशीपुर चीनी मिल के तत्कालीन प्रबंधक एसके भटनागर और तत्कालीन सेवानिवृत्त विशेष सचिव अशोक कुमार श्रीवास्तव समेत घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी तरीके से हेराफेरी, सरकारी धन का दुरुपयोग की धारा 420/409 ए/ 467/468/ 471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
