कम हुई काश्तकारों और जीएमवीएन की दूरियां

उत्तरकाशी। आलू तथा सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोई काश्तकार गढ़वाल मंडल विकास निगम को अपनी उपज बेचने को तैयार नहीं है। आज निगम के महाप्रबंधक प्रताप शाह की ओर से बुलाई गई बैठक में जमा भटवाड़ी हर्षिल क्षेत्र के काश्तकार तथा जनप्रतिनिधियों को यह भरोसा दिलाया कि वे शासन को समर्थन मूल्य बढ़ाने को प्रस्ताव भेजेंगे।
बैठक में किसानों में अभी तक गंगोत्री हाईवे ठीक न करने तथा आलू, सेब का बेहद कम समर्थन मूल्य निर्धारित करने के अलावा 15 सितंबर तक खरीद सीमा तय करने को लेकर भारी नाराजगी जताई। किसानों का कहना था कि जब उत्तरकाशी बाजार में आलू 25 रुपये बिक रहा है तो उनसे 10 रुपये खरीदने का क्या औचित्य है। किसानों ने बोरी उपलब्ध कराने के साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य 15 रुपये करने तथा खरीद की अवधि बढ़ाने की भी मांग की है।
सेब काश्तकारों ने कहा कि वे सावणी, अर्ली, सनवेरी सेब बिना ग्रेडिंग तथा ढुलान, तुड़ान के बगीचे से समर्थन मूल्य पर देने को तैयार हैं, किंतु अगले माह तैयार होने वाली डेलीसेस प्रजाति को बगीचे में ही 50 से 60 रुपये से कम नहीं बेचेंगे। बैठक में मुखबा के प्रधान परमानंद सेमवाल, हर्षिल के राजीव रावत, डा. नागेंद्र सिंह, पूर्व जेष्ठ प्रमुख और आलू काश्तकार जगमोहन सिंह सहित भटवाड़ी, उपला टकनौर और संगमचट्टी क्षेत्र के सेब और आलू काश्तकार मौजूद रहे।

कोट….
निगम ने आलू के लिए बोरी आदि का आर्डर दे दिया है। 6 अगस्त को आलू और सेब खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य संबंधी शासनादेश जारी होने के बाद किसानों की भावनाआें के अनुरूप आलू का 15 तथा सेब की पछेती फसल का 40 से 50 रुपये प्रति किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। खरीद की अवधि बढ़ाकर 30 सितंबर करने का भी अनुरोध किया है। वर्तमान में अर्ली वैरायटी के सेब बिना ग्रेडिंग के रोड़ हेड पर खरीदने का इंतजाम किया जा रहा है। उम्मीद है कि सोमवार से आलू और सेब की खरीद शुरू हो जाएगी। प्रताप शाह, महाप्रबंधक विपणन जीएमवीएन

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