
जैंती (अल्मोड़ा)। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है कि जून में आई आपदा राज्य में प्रलय बनकर टूटी है। दु:ख की इस घड़ी में उत्तराखंडियों ने साहस का परिचय देकर प्रभावित लोगों की सेवा की। उन्होंने कहा कि राज्य में पुनर्वास और पुनर्निर्माण चुनौती अवश्य है पर जन सहयोग से जल्द ही इस सदमे से प्रदेश उबर जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त पर्यटक स्थलों के पुनर्निर्माण के लिए प्रभावी योजना बनाकर राज्य को नई दिशा दी जाएगी। श्री बहुगुणा जैंती तहसील के धामद्यो में शहीद दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंडी सम्मान का भूखा है। यहां के लोगों में हिमालय सा स्वाभिमान है। लोगों के सहयोग से प्रदेश के पुनर्निर्माण में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य की तरक्की के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों में जुनून होना चाहिए। प्रदेश के नवनिर्माण को सभी लोग अपने स्तर से सहयोग करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर लोगों को भोजन का कानूनी अधिकार दिया है।
सीएम ने कहा कि सरकार ने आपदा के बाद प्रभावित स्थलों में फंसे 1.17 लाख लोगों को रेस्क्यू किया जो विश्व का सबसे बड़ा बचाव अभियान रहा है। आपदा प्रभावितों को अब तक 1.09 करोड़ रुपये मुआवजा बांटा जा चुका है। राज्य के विकास में सभी लोगों को भागीदारी करनी चाहिए। दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों द्वारा सुगम स्थान में तबादले की प्रवृत्ति राज्य के लिए घातक है। उन्होंने लोगों से कहा कि भ्रष्टाचार की सूचना मिलने पर पत्र लिखकर सीएम कार्यालय को भेजें, तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं रखीं। सांसद प्रदीप टम्टा ने राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था केे ढांचे को दुरुस्त करने की मांग की। सांसद महेंद्र सिंह महरा, संसदीय सचिव मनोज तिवारी, अनुपमा रावत आदि ने विचार रखे। संचालन दिनेश कुंजवाल, हरीश राम ने किया। अध्यक्षता दीवान सिंह बोरा ने की। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र बाराकोटी, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, जगत सिंह खाती, मोहन सिंह मेहरा, पीतांबर पांडे, केवल सती, दीवान सिंह भैसोड़ा, राजेंद्र रावत, खजान पांडे, जमन सिंह बिष्ट, हरीश कुंजवाल, प्रमुख महेंद्र मेर आदि मौजूद थे।
