
बागेश्वर। जीआईसी स्यांकोट 14 साल से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। शिक्षक मानकों के अनुसार नहीं होने से यहां अध्ययनरत 368 छात्र-छात्राओं का भविष्य चौपट है। अभिभावक शिक्षक संघ में शिक्षकों के पद भरने की मांग प्रमुखता से उठी। संघ और क्षेत्र के लोगों ने विद्यालयी शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भेजकर शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है।
विद्यालय परिसर में अभिभावक-शिक्षक संघ की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 1989 में विद्यालय को इंटर की मान्यता मिली। तब से लेकर आज तक इंटर में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र के प्रवक्ताओं और एलटी के जीव विज्ञान, अंग्रेजी, कला और संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं। इसके अलावा मुख्य सहायक, रात्रि चौकीदार, स्वच्छक के पद खाली हैं। शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर संघ ने कई बार अधिकारियों से मांग की लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र रिक्त पदों पर तैनाती नहीं हुई तो क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक के बाद क्षेत्र के लोगों ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भेजा। बैठक की अध्यक्षता पीटीए अध्यक्ष कैलाश चंद्र पाठक ने की। बैठक और ज्ञापन भेजने वालों में सिमगड़ी के प्रधान गोकुल पंचपाल, पठक्युड़ा की नंदी देवी, मझेड़ा की कमला पाठक, महरूड़ी के मोहन सिंह, मुन्नी पाठक, तुलसी डसीला, राजेंद्र सिंह, बसंत राम, ललित सिंह मेहरा, लाल सिंह मेहरा, देवीदत्त पाठक, किशन सिंह, नवीन जोशी, पुष्पा जोशी, प्रताप सिंह, भगवान सिंह, तेज सिंह आदि शामिल थे
