
बागेश्वर। भीषण बारिश से जिले में कृषि क्षेत्र को भी तगड़ा झटका लगा है। प्रशासनिक रिकार्ड के मुताबिक अभी तक 389 पशु मर चुके हैं और छह हेक्टेयर(300 नाली) कृषि भूमि तबाह हो गई है। कई स्थानों पर अभी भी भूस्खलन हो रहा है।
जिले में बारिश का सिलसिला 16 जून को शुरू हो गया था। दो माह के इस अंतराल में चार लोगों की मौत हुई है। प्रकृति ने भूस्खलन और बाढ़ के रूप में ऐसा अभिषाप दिया है, जिसके नुकसान की भरपाई में शासन-प्रशासन को कई साल लग जाएंगे। जिले की 94 सड़कों में से आठ सड़कें अब तक बंद हैं। उच्च हिमालय के इलाके में आवागमन के लिए आज भी रास्तों का अभाव है। वहां नदियों पर आवागमन के लिए ट्रालियां ही एकमात्र साधन हैं। प्रशासन के अनुसार बारिश के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में छह हेक्टेयर कृषि भूमि नष्ट हुई है। जिसमें खरीफ की फसलें तैयार हो रही थीं। प्रशासन ने जिले में 389 पशुओं के मरने की पुष्टि की है। इसमें वही पशु शामिल हैं, जिनके शव मिल गए थे। कपकोट और गरुड़ ब्लाक में अधिक नुकसान हुआ है। मल्ला पातल में हाल ही में हुए भूस्खलन से ग्रामीण भयभीत हैं।
