
धुमाकोट। जीप चालक भगवान सिंह की पिछले दिनों हुई पिटाई के विरोध में लोगों ने मुख्य बाजार में पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका। उन्होंने पुलिस की ओर से की गई पिटाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इसके विरोध में तहसील मुख्यालय में रैली भी निकाली गई। एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन भी दिया गया।
संगठन के संयोजक मनीष सुंद्रियाल ने कहा कि मित्र पुलिस जनता की सहूलियत के लिए है। जबकि पुलिस प्रताड़ित करने में लगी है। पीड़ित को न्याय न मिलने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्येष्ठ प्रमुख सुरेंद्र बिष्ट ने कहा कि दागी पुलिस कर्मचारी धुमाकोट में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इस अवसर पर पृथ्वीपाल पर्णवाल, कामरूप शाह और जगमोहन पटवाल ने भी पुलिस की निंदा की है। लोगाें ने थानाध्यक्ष से मिलकर दागी पुलिस कर्मियों के धुमाकोट में नियुक्ति का विरोध किया है। पुतला दहन में युवा बेरोजगार संगठन, व्यापार मंडल और टैक्सी यूनियन शामिल रही। पूर्व सैनिक सेवा परिषद कोटद्वार की ओर से भी चालक की पिटाई मामले में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसकी मांग करने वालों में गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, धनवीर सिंह, कै. पीएल खंतवाल, आनंद सिंह रावत, रामचंद्र जुयाल, मोहसिन खान, कै . जेएस नेगी, भगवती प्रसाद कण्डवाल और कर्नल राजेंद्र बड़थ्वाल आदि प्रमुख रहे।
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25 को थाने का घेराव, 26 को तहसील बंद
कोटद्वार। पुलिस द्वारा जीप चालक भगवान सिंह के साथ मारपीट के विरोध में सातवें दिन भी धरना जारी रहा। इस अवसर पर उत्तराखंड विकास समिति के अध्यक्ष जानकी बल्लभ मैंदोला ने बताया कि सीओ और कोतवाल को हटाने के लिए 25 अगस्त को थाने का घेेराव किया जाएगा। 26 अगस्त को तहसील को बंद का आह्वान किया गया है। इसके बाद भी मामला हल नहीं होता तो बाजार बंद और चक्का जाम किया जाएगा।
धरने के सातवें दिन भगवान सिंह के भाई ठाकुर सिंह व कर्तिया के ग्रामीणों के साथ अनेक संगठनों के लोग शामिल थे। लोगों की मांग है कि एसपी, सीओ और कोतवाल को हटा देना चाहिए। साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। धरना प्रदर्शन में उत्तराखंड विकास पार्टी, पूर्व सैनिक संगठन के गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, यूकेडी के सुनील चंदोला और जन अधिकार संयुक्त सघर्ष समिति के पंकज बवाड़ी आदि शामिल थे।
