
लखनऊ /फैजाबाद : विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) द्वारा प्रस्तावित 84 कोसी परिक्रमा शुरू होने के एक दिन पूर्व जनपद की सीमाएं सील होने से अयोध्या और फैजाबाद में सन्नाटा पसरा हुआ है। वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इस बीच कई शहरों में विहिप कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और जयश्रीराम के नारे लगाए।
विहिप मुख्यालय कारसेवकपुरम के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगा हुआ है और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्लोज सर्किट कैमरे लगाए गए हैं। विहिप सूत्रों के मुताबिक समर्थक संत महंत भूमिगत हो गए हैं। विहिप की 84 कोसी परिक्रमा के संयोजक डॉ$ राम विलास दास वेदान्ती ने अपना मोबाइल अपने निजी सचिव शिष्य ध्रुवेश मिश्र को सौंप दिया है और भूमिगत हो गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं होने दिया जा रहा है कि वह हिन्दू धाम स्थित अपने स्थान पर हैं अथवा नहीं। ध्रुवेश ने हालांकि यह बताया कि रविवार को निश्चित समय पर यात्रा के लिए नयाघाट सरयू तट पर वेदांती जी जरूर पहुंचेंगे और यात्रा में शामिल होंगे। दूसरी ओर विहिप के बड़े नेता और महंत नृत्यगोपाल दास की प्रशासन से बातचीत हो गई है, इसलिए वह निश्चिंत होकरे अपने दैनिक कार्य में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि अपने स्थान से यात्रा में शामिल होने के लिए वह जरूर निकलेंगे और प्रशासन गिरफ्तार करेगा तो वह गिरफ्तारी दे देंगे। मीडिया प्रभारी शरद शर्मा भी दावा कर रहे हैं कि यात्रा अपने निर्धारित समय पर आरम्भ होगी। विहिप की पूरी तैयारी है। यात्रा में शामिल होने वाले संत बाहर से आ गए हैं, उन्हें सुरक्षित रूप से ठहराया गया है।
इस बीच रविवार से शुरू होने वाली विहिप की प्रस्तावित 84 कोसी परिक्रमा को लेकर माहौल गरमाता जा रहा है। सूबे के अलग-अलग हिस्सों में लोग सड़कों पर निकलकर जयश्रीराम के नारे लगा रहे हैं। राज्य में इलाहाबाद, मेरठ, कानपुर, शाहजहांपुर में विहिप कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर निकलकर जय श्रीराम के नारे लगाए और और आजम खान का पुतला भी फूंका। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के आवास को प्रशासन ने घेर लिया है। उनके समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर तीखी नोंक-झोंक हुई। इस बीच चिन्मयानंद ने कहा है, ‘‘सरकार चाहे लाठी चलवाए या गोली, कल परिक्रमा जरूर निकलेगी।’’
