कहीं पढ़ने वाले नहीं तो कहीं पढ़ाने वाले

घनसाली (टिहरी)। भिलंगना प्रखंड के उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए बनाए गए कायदे-कानून ताक पर हैं। स्थिति यह है कि उच्च प्राथमिक स्कूल कोंती में 15 छात्रों पर जहां चार शिक्षक हैं, वहीं पिंस्वाड़ (68 छात्र) और गंगी (42 छात्र) जैसे स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।
भिलंगना में शिक्षकों की तैनाती में अधिकारियों-शिक्षकों की मनमानी चल रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों का टोटा बना हुआ है। प्रखंड के 59 उच्च प्राथमिक स्कूलों में तकरीबन 3795 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं, जिसमें 133 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकतर शिक्षक सुगम श्रेणी के स्कूलों में डटे हैं। विभाग के लिए वहां छात्र संख्या कोई मायने नहीं रखता। इसका एक उदाहरण तिब्बत सीमा से सटे गंगी उच्च प्राथमिक स्कूल का है, जहां स्कूल में 42 बच्चे पढ़ रहे हैं, लेकिन शिक्षक के नाम पर चार साल से एक शिक्षामित्र है। जबकि सिलोस, जखाणा, चकरेड़ा में दो-तीन साल से शिक्षक ही नहीं है। यही स्थिति सीमांत गांव पिंस्वाड़ में है। वहां 68 छात्रों पर एक शिक्षक है, जबकि सड़क से सटे उच्च प्राथमिक स्कूल कोंती में 15 बच्चों पर चार शिक्षक हैं।

एकल शिक्षक वाले उच्च प्राथमिक स्कूल और छात्र संख्या
1-पिन्स्वाड़ (68 छात्र), हडियाणा (46 छात्र), मरवाड़ी (45 छात्र), पाख (39 छात्र) ,डखवाणगंाव (39 छात्र), पटुड़गांव (38 छात्र), भिगुन (37 छात्र), पौनाड़ा (32 छात्र), डालगांव (27 छात्र), भेट्टी ग्याहरा गंाव (26 छात्र)।

शिक्षकों के रिक्त पद पदोन्नति के बाद भरे जायेगें। एक विद्यालय में मानक के अनुसार तीन शिक्षक होने जरूरी हैं, शीघ्र ही व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कोंती में चार शिक्षकों में एक सीआरसी कार्यरत है।

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