दो दर्जन लोग पहुंचे अस्पताल

देहलां (ऊना)। देहलां में डायरिया का कहर अभी थमा नहीं है। शनिवार को भी देहलां पीएचसी में डायरिया से पीड़ित दो दर्जन से अधिक लोग पहुंचे। चार की हालत खराब होने के कारण डाक्टरों ने उन्हें तुरंत स्थानीय पीएचसी में भर्ती करके ड्रिप लगा दिए। भर्ती मरीजों में जोगा सिंह, कमलजीत, तरसेम लाल व जोगिंद्र सिंह शामिल हैं। इसके अलावा दो दर्जन मरीजों को चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार एवं दवाइयां आदि देकर घर भेज दिया। क्षेत्र में डायरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि प्रशासन, स्वास्थ्य महकमा और आईपीएच विभाग कभी स्थिति पर काबू पाए जाने की बात कह रहे हैं तो कभी बीमारी फैलने का ठीकरा एक दूसरे के सिर फोड़ने लगे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी जीआर कौशल ने भी शनिवार को पीएचसी देहलां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा तैनात चिकित्सकों और टीमों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए। पीएचसी देहलां में तैनात डा. सुरेश कुमार ने बताया कि दोपहर बाद तक दो दर्जन मरीज अस्पताल पहुंचे। उनमें चार मरीजों को भरती किया गया है, जिनका उपचार जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन चार दिन से जो मरीज इस बीमारी से पीड़ित हैं वे रूटीन चैकअप के लिए पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों को छोड़कर अधिकतर की स्थिति में सुधार हो रहा है।

किसी तरह की चूक न हो : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी जीआर कौशल ने पीएचसी देहलां पहुंचने के बाद देहलां गांव का भी दौरा किया। उन्होंने कुछ लोगों से बातचीत करने के बाद तैनात टीमों को भी विशेष निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि गांवों में तैनात टीमें गांव में घर-घर जाकर लोगों को दवाइयां वितरित कर रही हैं। सीएमओ ने कहा कि दूषित पानी ही इसका कारण हो सकता है।

लाइनों की एक्सटेंशन समस्या : एसडीओ
आईपीएच विभाग के एसडीओ पीके चड्ढा ने कहा कि आईपीएच की ओर से जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, उसके हर रोज दो सैंपल भरकर जांच के लिए लैब में भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट में विभाग का पानी सही पाया जा रहा है। लोगों ने विभाग की लाइनों से कई जगह अपनी मर्जी से एक्सटेंशन दे रखी है, जिसे गंदगी के बीच से गुजारा गया है। यहीं पानी में बैक्टीरिया घुलने का कारण हो सकता है।

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