
नालागढ़ (सोलन)। इलाके के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के खेल मैदान को समतल बनाने की आड़ में कहीं अवैध खनन तो नहीं? हालांकि खनन विभाग से एनओसी भी ले रखी है, इसके बावजूद पंजाब और हरियाणा के ट्रकों में सामग्री क्यों भिजवाई जा रही थी? इसी बात को आधार मानते हुए नालागढ़ पुलिस ने छापा मारते हुए खनन रोका है।
माइनिंग विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मौके पर 5 टिप्परों और 3 जेसीबी को जब्त किया है। सभी वाहन क्रशर धारकों के बताए हैं। पंजाब, हिमाचल और हरियाणा के लोगों के यह वाहन हैं। जब पुलिस दभोटा पहुंची तो वहां स्कूल के खेल मैदान को समतल करने का काम चला हुआ था। दस्तावेज मांगे तो मामला अवैध खनन का सामने आने लगा।
उधर, पुलिस महानिदेशक के अवैध खनन कारोबारियों पर शिकंजा कसने के लिए 13 अगस्त से 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाया है और पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को खनन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। इस पर पुलिस ने धरपकड़ तेज कर दी है।
यह सवाल उठाया
पुलिस ने सवाल उठाया है कि स्कूल के खेल मैदान को समतल बनाने के लिए निकल रही सामग्री को मैदान बनाने में ही इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन यह सामग्री क्रशरों में भर भरकर जा रही थी।
अवैध खनन, दर्ज होगा मुकदमा: डीएसपी
डीएसपी नालागढ़ सुशील शर्मा ने कहा कि पुलिस ने स्कूल में खेल मैदान को समतल करने की आड़ में हो रहे अवैध खनन पर कार्रवाई करते हुए इन वाहनों को जब्त किया है। अभी तो खनन अधिनियम के चालान काटे जाएंगे और यदि लाजमी हुआ तो इनके खिलाफ मुकदमा भी दिया जाएगा।
जिला खनन अधिकारी सरित चंद्र ने कहा कि मामले की जांच होगी। एनओसी दो प्रकार की होती है। एक लेबलिंग और दूसरी सामग्री को बेचने के लिए, लेकिन सामग्री को बेचने के लिए पहले तहसीलदार को भेजकर रिपोर्ट तैयार की जाती है। उसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू होती है।
