सेंट बीड्स में अंतरराष्ट्रीय सेमीनार शुरू

शिमला। सेंट बीड्स कॉलेज शिमला में महिला सशक्तिकरण विषय पर शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय सेमीनार में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने मंथन शुरू किया। सेमीनार का शुभारंभ परिवहन खाद्य आपूर्ति एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने किया। कॉलेज प्राचार्य (सिस्टर) डा. बीना जॉन, कॉलेज की सुपीरियर और कॉलेज मैनेजर सिस्टर लोरेंस सहित समस्त स्टाफ ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।
सेमीनार में प्रो. पाम राजपूत चेयरपर्सन हाई लेवल कमेटी ऑन स्टेट्स आफ वुमन भारत सरकार और सेंट्रल मॉनिटरिंग कमेटी महिला सशक्तिकरण सदस्य ने विचार रखे। इन्होंने महिलाओं की स्थिति पर विचार रखे।
पहले सेशन में महिला अधिकारों और उत्थान के मामलों पर वक्ता सरोजनी गंजु ठाकुर चेयरपर्सन हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान रेग्युलेटरी कमीशन ने विचार रखे। सूत्रा संस्था के संस्थापक सुभाष मेंपुरकर, मीरा खन्ना सामाजिक कार्यकर्ता, वीनिता शो दिशा फाउंडेशन की सीईओ, प्रो. उषा बांदे, सेवानिवृत्त प्रोफेसर नीलम बाली ने महिलाओं की स्थिति पर मंथन किया।
दोपहर बाद सत्र में भारतीय शहरी महिला, न्यायिक सशक्तिकरण, महिलाओं के मानवाधिकार, महिलाओं के साथ भेदभाव, घरेलू हिंसा, बदलते समय में महिलाओं के नेतृत्व क्षमता आदि विषयों पर मंथन किया गया। सेमिनार में रशिया से डेविड, पुनीत कारिना, लंदन से आलिसन, यूएस से स्टीफन, लंदन से जोरम विलोविक, यूएसए से जेमिक बोसवाल, आस्ट्रेलिया से ब्रोवेन ने भाग लिया। सेमीनार आयोजन समिति के मीडिया इंचार्ज डीपी पठानिया, डा. अंजली दीवान और स्टूडेंट मीडिया इंचार्ज आभा चौहान ने बताया कि कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय सेमीनार में महिलाओं सशक्तिकरण पर चर्चा होगी।

महिलाएं विकासोन्मुख और प्रगतिशील : बाली
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि महिलाएं विकासोन्नमुख एवं प्रगतिशील हैं। स्थानीय निकायों तथा पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है। पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं ने अच्छा प्रदर्शन किया है। पुलिस बल में वर्तमान में महिलाओं की संख्या 10 फीसदी है। सरकार द्वारा इसे बढ़कर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इससे महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेगी।

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