
ऊना। जिला मुख्यालय पर स्थित बस अड्डा में प्राइवेट बस आप्रेटर यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में भारी संख्या में बस आप्रेटर ने भाग लिया। इस अवसर पर प्राइवेट बस आप्रेटर को पेश आ रही समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। यूनियन के अध्यक्ष अश्वनी सैणी, उपाध्यक्ष मास्टर केवल कृष्ण, पंकज दत्ता, मोनू मनकोटिया, राजेश पराशर, गुलशन कुमार, रिशू, सुरेंद्र शर्मा, राजिंद्र सिंह, बहाुदर चंद, जगमोहन, राम प्रकाश, बलराज, संदीप शर्मा, राजिंद्र, ज्ञान चौधरी, सुखदेव शर्मा सहित अन्य बस आप्रेटर्स उपस्थित थे।
पदाधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में निजी बसों में पंजाब की तर्ज पर सिस्टम लागू होना चाहिए जिससे बस आप्रेटर्स को परेशानियों का सामना न करना पड़े। बसों में न्यूनतम किराया 8 रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा टोकन टैक्स एवं स्पेशल रोड टैक्स भी पंजाब की तर्ज पर एकमुश्त किया जाना चाहिए। बस किराया रेगुलेटिंग कमीशन का गठन होना चाहिए जो बाजार कि कीमतों को देख कर किराया निर्धारित करे।
उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन डीजल के दामों में बढ़ोतरी होने से बस आप्रेटर्स को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही जबकि तेल के दाम दिन प्रतिदिन आसमान को छूते जा रहे हैं। इस संबंध में पहले भी कई बार मांग उठाई जा चुकी है लेकिन आज दिन तक इस संबंध में कोई भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो सकी। बस आप्रेटर्स ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनकी मांगों को लेकर शीघ्र ही उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए अन्यथा बस आप्रेटर अपने हितों को ध्यान में रखते हुए सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे।
