निजी नलों में लीकेज से फैला डायिरया : विभाग

मैहतपुर (ऊना)। अप्पर देहलां गांव में फैली डायरिया की बीमारी की जड़ तक पहुंचने का आईपीएच महकमे ने दावा करते हुए कहा है कि जिन लोगों ने अपने निजी नलों को एक्टेशन देकर आगे पहुंचाया है, उनकी पाइप लाइनें बेहद गंदे वाटर टैंकों अथवा नालियाें से होकर गई हुई थीं। लीकेज के कारण उनमें प्रदूषित पेयजल सप्लाई होने की वजह से संभवत: वह लोग बीमार पडे़ हैं। गांव के वार्ड नंबर एक में एक ही परिवार के जो लोग डायरिया से पीड़ित हुए हैं, उनके घर में लगे नलों की जांच में पाया गया कि तीन से चार मीटर पाइप लाइन बेहद गंदे स्थान से होकर गुजर रही थी जिसमें कीडे़ चल रहे थे।
आईपीएच उपमंडल बसदेहड़ा में तैनात एसडीओ पीके चड्ढा ने इस बात की पुष्टि की है। शुक्रवार को चड्ढा ने विभागीय टीम के साथ घर-घर जाकर लोगों के नलों की जांच के बाद इस बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विभाग की हर लाइन और हर नल को जांचा जा रहा है, जहां थोड़ी भी लीकेज की संभावना है उसे दुरुस्त किया जा रहा है। कई घरों में बेहद गंदे पानी के टैंकों और गंदगी भरे स्थानों से नीचे से निजी नलों को एक्टेशन दी गई है, वहां से संभवत: प्रदूषित पेयजल का प्रयोग लोगों के लिए मुसीबत लेकर आया। हालांकि उन्होंने विभागीय पेयजल लाइनों को पूरी तरह से सही बताया। शुक्रवार को विभागीय टीम ने घर-घर जाकर नलों के पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच भी की। कई लोगों ने अपने नलों में सप्लाई होने वाले पेयजल की भी जांच करवाई जो ठीक पाया गया।

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