
ऊना। जिला में इस वर्ष हुई भारी बरसात के कारण अब तक 100 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्तियों का नुकसान हो चुका है लेकिन अभी बरसात के मौसम के 20 दिन बाकी हैं। इससे इन आंकड़ों में इजाफा होने की प्रबल संभावनाएं हैं। जिला में अकेले आईपीएच विभाग को 30 करोड़ रुपये का नुकसान अभी तक हो चुका है।
उपायुक्त अभिषेक जैन ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए आईपीएच विभाग को 90 लाख रुपये की राशि जारी की है। इससे जिला भर में आईपीएच विभाग की क्षतिग्रस्त पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बरसात के चलते सबसे अधिक नुकसान कुटलैहड़ विस क्षेत्र में पेयजल योजनाओं को पहुंचा है। 19 करोड़ रुपये की लागत वाली कोहडरा-तूतड़ू पेयजल योजना बरसात के मौसम में कई बार भूस्खलन होने के कारण नुकसान हो चुका है। इस योजना की मेन पाइप लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जिसे विभाग की ओर से बार-बार मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति को बहाल किया जा रहा है। जबकि रामगढ़ धार पेयजल योजना को भी बरसात के चलते नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम से हुए नुकसान की रोजाना शिमला रिपोर्टिंग की जा रही है। इस अवसर पर आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता एनके त्रिवेदी, एक्सईएन मुकेश हीरा, हरेंद्र भारद्वाज और एनएम सैणी भी उपस्थित थे।
