साढ़े तीन घंटे पहाड़ से कटा तराई-भाबर

हल्द्वानी। रानीबाग पर लगे जाम से पहाड़ का संपर्क तराई-भाबर से करीब साढ़े तीन घंटे तक कटा रहा। इस दौरान नैनीताल मार्ग पर ही करीब दस किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
कुमाऊं में नैनीताल के अलावा अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर आदि जगहों को जाने के लिए रानीबाग का तिराहा सबसे मुख्य स्थान है। यहां से नैनीताल, भीमताल मार्ग को वाहन निकलते हैं। ऐसे में जब प्रदर्शनकारियों ने मांगों को लेकर रानीबाग के पास पौने दस बजे जाम लगाया, तो हर तरफ वाहनों के पहिए जाम हो गए। नैनीताल मार्ग पर ही करीब ज्योलीकोट तक जाम पहुंच गया। जाम न खुलने की दशा में कई लोगों ने वाहन छोड़कर पैदल ही निकलना बेहतर समझा। जाम करीब साढ़े तीन घंटा के बाद 1:18 बजे खुला, तो वाहन स्वामियों ने राहत की सांस ली। जाम खुलने के बाद भी देर तक वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। हालांकि, जाम के बीच मरीज ले जाने वाले निजी, 108 एंबुलेंस और सेना के वाहनों को प्रदर्शनकारी निकालते भी रहे।

बहन-बच्चे हुए मायूस
हल्द्वानी। रक्षाबंधन पर्व के चलते वाहनों में बुधवार को अन्य दिनों की अपेक्षा महिलाएं, युवतियों और बच्चों की संख्या अधिक थी। सभी उत्साह के साथ रक्षाबंधन पर्व बनाने को निकले थे, लेकिन रानीबाग पहुंचते ही जाम में फंसने से उनकी खुशी काफूर हो गई। भूख-प्यास से लोग परेशान रहे। कई महिलाओं ने प्रदर्शनकारियों से जाम खोलने की गुहार भी लगाई। कुछ लोग बच्चों को खुश करने के लिए सड़क पर ही फोटोग्राफी करने से लेकर दूसरे तरीकों से मन बहलाने का उपक्रम करते रहे।

दोबारा घर के पास पहुंचा तेंदुआ
जंगलात और ग्रामीणों ने शुरू की गश्त
हल्द्वानी। भगवती देवी को मारने वाला तेंदुआ मंगलवार रात को फिर घर के पास पहुंच गया। जानवरों के शोर करने पर ग्रामीणों ने तेंदुए को भगाया। बुधवार शाम को तेंदुए ने गांव में फिर दस्तक दी। इसके बाद जंगलात और ग्रामीणों की टीम ने इलाके में सघन गश्त शुरू की है।
तेंदुए का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। क्षेत्रीय निवासी सचिन साह कहते हैं कि करीब चार महीने में तेंदुआ सूर्या, दोगड्डा, भुजियाघाट, अमृतपुर, रानीबाग, जंतवाल, लमजाला, अक्षय वट आदि गांवों में लोगों को घायल करने के साथ मार भी चुका है। तेंदुआ लमजाला गांव में भगवती देवी को मारने के बाद मंगलवार और बुधवार को भी गांव में पहुंच चुका है। इसके अलावा दोपहर में भीमताल पुल के पास भी एक व्यक्ति पर हमला किया है। ग्राम प्रधान रमेश आर्य, नवीन, विपिन जंतवाल और समाजसेवी दीपक नौगाई का कहना है कि तेंदुए के आतंक के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना, बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। वहीं, डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते का कहना है कि क्षेत्र में आईटीबीपी, पूर्व सैनिक के साथ जंगलात की टीम गश्त करेगी। इसमें ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जाएगा। लमजाला, अक्षय वट आदि जगहों पर स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुआवजा मांगने पहुंची महिला
हल्द्वानी। रानीबाग की दस साल की निकिता पर भी तेंदुए ने हमला किया। इस बच्ची को अब तक जंगलात की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है। निकिता की मां भी प्रदर्शन में पहुंची और विभाग से मुआवजा देने की मांग की। इससे विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

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