
बचपन में देहरादून के बाल वनिता आश्रम ने मोना और पूनम को सहारा दिया था। दोनों ने यहीं रहकर 12वीं तक की पढ़ाई की। हर साल की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर मोना और पूनम अपने बच्चों को लेकर आश्रम पहुंचीं।
मोना ने बताया कि पूनम और उन्होंने नारी शिल्प महिला इंटर कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई साथ की। इसके बाद दोनों की शादी हो गई। शादी के बाद भी वह आश्रम से जुड़ी रहीं।
अब मोना का एक बेटा है और पूनम की एक बेटी। रक्षाबंधन पर हर साल दोनों अपने बच्चों को लेकर आश्रम आते हैं। उनके बच्चे दूसरे बच्चों को स्नेह की डोर बांधने के साथ ही एक-दूसरे के साथ प्यार से रक्षाबंधन मनाते हैं।
बंदियों को बांधी राखी
सर्वधर्म सद्भावना समिति और नाज एजूकेशन सोसाइटी की ओर से रक्षाबंधन पर कारागार में बंदियों को राखी बांधी गई। इस मौके पर गुलिस्ता, वीपी पांडे, एसके सुखेजा, एसएम सिंह, जेपी द्विवेदी मौजूद रहे।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने भी बाल वनिता आश्रम में बच्चों के साथ राखी का पर्व मनाया। मंच के रमजान अली सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
