
कंडीसौड़ (टिहरी)। आपदा में सेनसारी गांव की भूमि बहने से ग्रामीण निराश हैं। उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट पैदा हो गया है।
नगुण पट्टी के सेनसारी गांव में वर्ष 2001 में भी बादल फटने से भारी तबाही मची थी। जिसमें उनकी काफी भूमि बह गई थी। खेती पर निर्भर ग्रामीणों ने मदद के लिए सरकार का मुंह ताकने के बजाए खुद ही खेतों से मलबा हटाकर खेतों को फसल उगाने लायक बनाए थे लेकिन 12 वर्ष बाद फिर आयी आपदा ने ग्रामीणों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मंगलवार को बादल फटने से करीब दो सौ नाली जमीन चौपट हो गई। जिससे ग्रामीणों के सामने एक बार फिर से परिवार के भरण-पोषण की समस्या पैदा हो गई है। गांव के वीरेंद्र सेमवाल और मस्तराम ने बताया कि इस आपदा में लोगों को काफी नुकसान हुआ है। तहसीलदार सतीश कुमार ने बताया कि बादल फटने से हुए नुकसान की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई है।
मलबे में बही महिला का शव मिला
कंडीसौड़ (टिहरी)। सेनसारी गांव में मंगलवार की शाम बादल फटने से आए मलबे में बही प्रेमा देवी (55) का शव बुधवार को मिला। प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। गांव के भगवती सेमवाल, मस्तराम और गणपति दास ने आश्रितों को आर्थिक मदद देने की मांग की है।
बाल-बाल बची बहुएं
कंडीसौड़ (टिहरी)। बादल फटने से मंगलवार गलबे में बही प्रेमा देवी की दोनों बहुएं बाल-बाल बच गई। मंगलवार की शाम प्रेमा और उसकी दोनों बहुएं घास लेकर घर आ रही थी एकाएक बादल फटने से पहाड़ी से भारी मलबा आ गया। इस दौरान रीना देवी और बिजला देवी ने भागकर जान बचाई जबकि उनकी सास प्रेमा देवी मलबे की चपेट में आ गई।
