
बीएसएनएल की ओएफसी के कर्णप्रयाग-नैनीताल मार्ग पर कई स्थानों पर कटे होने से तहसील मुख्यालय में पांच दिन से संचार सेवा ठप पड़ी है। बीएसएनएल और नेशनल हाईवे रानीखेत के बीच तालमेल नहीं होने से जनता परेशान हो रही है।
केस दो
ऊर्जा निगम के 33 केवी सब स्टेशन धुनारघाट में तीन फीडर हैं। एक फीडर से मेहलचौरी, माईथान और दूसरे से गैरसैंण, नंदासैंण आदिबदरी क्षेत्र को सप्लाई होती है। वर्ष 1985 से तीसरा फीडर शुरू ही नहीं हुआ, जिससे गैरसैंण-सलियाणा को जोड़ा जाना था।
गैरसैंण। राज्य की प्रस्तावित राजधानी ही मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रही है। ऐसे में अन्य इलाकों की स्थिति का अंदाजा आसानी से ही लगाया जा सकता है। कैबिनेट बैठक व विधानसभा शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की समस्याएं कुछ दिन तो सुधरी, लेकिन अब स्थिति जस की तस बनी है।
गैरसैंण में शिक्षा के नाम पर राजकीय महाविद्यालय, जीजीआईसी, राजीव गांधी नवोदय विद्यालय हैं, लेकिन अधिकांश विषयों के प्रवक्ताओं के पद रिक्त चल रहे हैं। वर्ष 1985 में स्थापित आईटीआई को जहां अभी तक भवन नहीं मिला है, वहीं डेढ़ वर्ष पूर्व सीएम बहुगुणा की राजकीय पॉलीटेक्निक की घोषणा भी फलीभूत नहीं हो पाई है।
