
काशीपुर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतनाम सिंह चीमा ने कहा कि एएनएच-74 पर कुंडा से सुल्तानपुर पट्टी (जगन्नाथपुर) तक 25 किलोमीटर लंबा काशीपुर बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। परंतु इसके लिए किसान अपनी भूमि नहीं देंगे। भाकियू इसका विरोध करेगा।
बुधवार को चीमा ने कहा कि भूतल विभाग ने काशीपुर बाईपास के नाम से कुंडा से जगन्नाथपुर तक बाईपास की योजना बनाई है। यह बाईपास कुंडा से सरवरखेड़ा, मुहआखेड़ा गंज के उतरी भाग से सुल्तानपुर पट्टी स्थित इंडियन ऑयल बाटलिंग प्लांट के दक्षिण में यूपी क्षेत्र से गुजरकर सुल्तानपुर पट्टी से तकरीबन पांच किलोमीटर आगे ग्राम जगन्नाथपुर के निकट रुद्रपुर जा रही एएनएच-74 में मिलेगी। इसका निर्माण पीपीपी मोड में किया जाना प्रस्तावित है। सरकार ने बिना किसानों की अनुमति के उनकी भूमि पर फोरलेन सड़क का निर्माण का निर्णय ले लिया। सरकार ने किसानों की सहमति लेने की जरूरत ही नहीं समझी। इतना ही नहीं चुपचाप सर्वे भी करा लिया।
फिजीबिल्टी रिपोर्ट तैयार कर डीपीआर भी तैयार कर ली है। एक कंपनी को निर्माण का ठेका भी दे दिया गया। जिस छोटे किसान की भूमि से यह सड़क गुजरेगी वह भूमि पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। चीमा ने कहा कि भाकियू ने बाईपास के लिए भूमि नहीं देने का निर्णय ले लिया है। किसानों की पंचायत में संघर्ष की योजना तय की जाएगी। इस सड़क के निर्माण से किसानों को लाभ के बजाए नुकसान अधिक होगा।
