
नई दिल्ली। भारत सरकार ने जब मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची 2001 में पाकिस्तान को सौंपी थी तो उसके बाद अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का सार्वजनिक जगहों पर जाना बंद हो गया था। आईएसआई ने दाऊद को सामाजिक कार्यक्रमों व सार्वजनिक जगहों पर जाने से मना कर दिया था। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार, टुंडा और दाऊद इब्राहिम की पहली मुलाकात वर्ष 2000 में हुई थी। अंडरवर्ल्ड डॉन ने टुंडा को मिलने बुलाया था। टुंडा दाऊद की दो मुलाकातों के बारे में ही बता रहा है। टुंडा ने बताया है कि वह 1994-95 में पाकिस्तान गया था। वहां उसकी पहली मुलाकात जमायत उल दावा के चीफ हाफिज सईद से हुई थी। 1994-95 के बाद वह अब भारत आया है।
लखवी से हुआ था विवाद
नई दिल्ली। टुंडा ने बताया है कि वह पाकिस्तान में मदरसों में युवकों को पढ़ाता था। इन दौरान वह देख लेता था कि कौन सा युवक आतंकी बन सकता है। इसके बाद वह उस युवक को लश्कर के ट्रेनिंग सेंटरों में भेज देता था। उसने बताया कि उसका लश्कर चीफ जकी उर रहमान लखवी से पैसों को लेकर विवाद हो गया था, जो काफी लंबा चला। आईएसआई के हस्तक्षेप के बाद विवाद शांत हुआ था।
