बिजली बोर्ड ने उड़ाए लोगों के होश

सोलन। बिजली बोर्ड लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। कसौली की कई पंचायतों में बोर्ड ने छह-छह माह बाद बिजली बिल थमाए हैं। अधिकांश लोगों के बिल हजारों में हैं जिसे देखकर ग्रामीणों के होश दंग रह गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार विभाग पिछले करीब दो सालों से बिल देने में देरी कर रहा है। करीब छह से आठ माह बाद उन्हें बिल दिए जा रहे हैं जोकि हजारों में आते हैं। भारी भरकम बिलों को भरने में ग्रामीण असमर्थ हैं। वहीं बोर्ड अधिकारी बिलों के अधिक आने के कारण मशीन की खराबी बता रहे हैं।
बिल अधिक आने का मुख्य कारण बोर्ड की ओर से बिलों में देरी करना है। बोर्ड उपभोक्ताओं के बिल यूनिट के हिसाब से काटता है। बिलों में 100 यूनिट के अलग दरें तथा उसके बाद की अलग तय की जाती है। जब छह माह में बिल आएंगे तो यूनिटें भी अधिक हो जाती हैं जिससे उपभोक्ताओं को खासी दिक्कतें आ रही हैं। वहीं बोर्ड अधिकारी का कहना है कि जिनके बिल अधिक हैं वह कार्यालय में आकर ठीक करवा सकते हैं।
काबा पंचायत के बीपीएल परिवार से संबंधित रोशन सिंह का बिल 50 हजार रुपये दिया है। उनका कहना है कि बोर्ड की लापरवाही ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है। एकमुश्त बिल भरना नामुमकिन हैं। काबा पंचायत के बेलड़ निवासी चतर सिंह को बिल करीब 35 हजार दिया गया है। व्यक्ति के चार कमरे में लाइटें जलाई जाती हैं। जबकि बसावल निवासी लेखराम का बिल 15 हजार रुपये काटा गया है। व्यक्ति शारीरिक रूप से अक्षम है।

कार्यालय में आकर करवाएं ठीक : एसडीओ
धर्मपुर बिजली बोर्ड के एसडीओ केडी शर्मा ने कहा कि साफ्टवेयर में खराबी के कारण बिलों में गड़बड़ी हो रही है। जिसका बिल अधिक है वह कार्यालय में आकर ठीक करवा सकता है।

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