
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल में स्क्रब टायफस के मरीजों का आंकड़ा 200 से भी पार हो गया है। बुधवार को चौदह मरीजों में स्क्रब टायफस के लक्षण पाए गए हैं। सभी संदिग्ध मरीजों के टेस्ट निशुल्क किए जा रहे हैं। दवाओं का स्टॉक पूरा है। जरूरतमंदों को दवाएं अस्पताल से ही दी जा रही हैं। वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि इस बीमारी की दवाएं सस्ती हैं। अस्पताल में दाखिल सभी मरीजों की हालत नियंत्रण में हैं। मामले बढ़ने के बाद चिकित्सकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। दवाएं पर्याप्त हैं, लोग थोड़ी सावधानी बरतकर इस बीमारी से बच सकते हैं।
लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है
जोड़ों में दर्द व कंपकंपी के साथ बुखार
शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें
घर व आसपास के वातावरण को साफ रखें
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
ऐसे होता है स्क्रब टाइफस
यह रोग एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है जो खेतों, झाड़ियों व घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टाइफस बुखार पैदा करता है।
