जेल की दीवार नहीं फांद सकेंगे मुजरिम

शिमला। प्रदेश की जेलों में सुरक्षा के हाइटेक इंतजाम होंगे। कारागारों में लेजर बीम सिस्टम सहित सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसके लगने से कैदी जेल से फरार नहीं सके हैं। कैदी दीवार फांदने की कोशिश करेगा तो दीवारों पर लगा लेजर बीम बजना शुरू हो जाएगा। बीम कैदी के दीवार तक पहुंचने से पहले ही बज उठेगा। करीब 50 करोड़ रुपये का खर्च इस पर होगा। इसके अलावा जेलों के आधुनिकीकरण और सुधार के मद्देनजर करीब 30 तरह के कार्य होने हैं।
इसके लिए जेल विभाग ने हाल ही में केंद्र को करीब 444.30 करोड़ रुपये का प्रपोजल भेजा है। प्रपोजल मंजूर हो जाता है तो हिमाचल में जेल सुधार से लेकर आधुनिकीकरण तक के कई काम होंगे। इनमें सीसीटीवी कैमरे लगाना, कैदियों के लिए विभिन्न तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम, जेल के बाहर तथा अंदर आडिटोरियम, कैदियों से मिलने आने वाले परिजनों के लिए जेल परिसर में रहने की सुविधा, जेलों के लिए वाहनों की सुविधा, स्टाफ क्वार्टर, एंबुलेंस सहित दूसरे काम शामिल हैं।

मंडी में बनेगा मॉडल जेल कांपलेक्स
जेलों में बंदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंडी में मॉडल जेल निर्माण होगा। इसके लिए आंध्रप्रदेश की चरलापल्ली सेंट्रल जेल की ड्राइंग की स्टडी की जा रही है। तकनीक की स्टडी करने के बाद मंडी जेल के निर्माण में तकनीक को अपनाया जाएगा। इसके अलावा कांपलेक्स में ओपन एयर जेल और जेल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का निर्माण भी होगा। प्रदेश में फिलहाल 14 जेलें हैं। इनमें 1886 कैदी हैं। रामपुर, कल्पा और बद्दी में भी उप-कारागार का प्रपोजल है।

केंद्र सरकार को प्रपोजल भेजी है। अगर यह मंजूर हो जाती है तो प्रदेश जेल सुधार कार्यक्रम में देश भर में अग्रणी हो जाएगा। बंदियों के सुधार को लेकर भी कई प्रोग्राम शुरू होंगे।
अरविंद कुमार, एआईजी, जेल ।

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