मंडी में स्क्रब टायफस के इस सीजन में छह मामले

मंडी। एक तरफ बारिश के मौसम में सर्दी-बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है, वहीं स्क्रब टायफस के मामले भी सामने आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में अब तक इस सीजन में आधा दर्जन पॉजीटिव मामले स्क्रब टायफस के सामने आ चुके हैं। विभाग स्क्रब टायफस को लेकर सचेत है। इस रोग से पीड़ित सभी रोगियाें को उचित उपचार दिया जा रहा है।
पिछले वर्ष जिले में स्क्रब टायफस के बरपे कहर को लेकर इस बार क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। टेस्ट की सुविधा प्रदान की जा रही है। विभाग की मानें तो बरसात के सीजन में स्क्रब टायफस के फैलने की संभावना होती है। गत वर्ष मंडी जिले में स्क्रब टायफस के चलते पांच लोगाें की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनाें लोग स्क्रब टायफस की चपेट में आ गए थे। रिवालसर क्षेत्र में स्क्रब टायफस का ज्यादा प्रकाप देखने को मिला था। जहां विभाग को अपनी टीमें भेजकर इस पर रोक लगानी पड़ी थी। जोनल अस्पताल मंडी में बीच-बीच में स्क्रब टायफस के लक्षणों से मिलते-जुलते मामले पहुंच रहे हैं। जिन्हें विभाग हर पहलू को ध्यान में रखकर उपचार प्रदान कर रहा है।

रोगी को दी जा रही टॉक्सीसाइक्लिन दवा
चिकित्सीय उपचार लेने पर रोगी को टॉक्सीसाइक्लिन नामक दवाई दी जाती है, हालांकि इसकी रोकथाम के लिए अन्य भी दवाइयां हैं। सरकारी स्तर पर टॉक्सीसाइक्लिन मानक है। स्क्रब टायफस होने पर रोगी को तेज बुखार रहता है। रोगी के शरीर में ऐंठन, अकड़न एवं जोड़ों में दर्द भी रहता है। माइट नामक पैरासाइट के काटने से होने वाला स्क्रब टायफस रोग जानलेवा है। जिसे समय पर उपचार मिलने पर काबू में किया जा सकता है। समय पर उपचार न मिलने पर यह रोग घातक एवं जानलेवा साबित हो सकता है।

इस सीजन में आधा दर्जन मामले स्क्रब टायफस के अब तक पॉजीटिव पाए गए हैं। बीच-बीच में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। शक के आधार पर भी रोगियों को यह उपचार विभाग प्रदान कर रहा है। -डा. हेमंत कपूर चिकित्सा अधीक्षक जोनल अस्पताल मंडी।

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