
मंडी। मंडी शहर में 16 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग ने संदेह के आधार कुछ दुकानों का निरीक्षण किया था। जिसके चलते एक दुकान से गुड़ (मीठा) के तीन सैंपल लिए थे। विभाग ने पहले इसमें मिलावट की आशंका जताई थी। अब कंडाघाट लैब से आई रिपोर्ट में गुड़ का यह सैंपल फेल हो गया है। जिसमें विशेषज्ञ डाक्टरों ने आर्टिफिशियल रंग की मिलावट का दावा किया है। लैब विशेषज्ञों का कहना है कि रंगों का प्रयोग गुड़ को आकर्षक बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। विभाग ने यह सैंपल शहर के इंदिरा मार्केट के समीप एक दुकान से उठाया था। अब उक्त दुकानदार के खिलाफ जिला अतिरिक्त दंडाधिकारी के कोर्ट में मामला दर्ज कराया जा रहा है। कोर्ट में दुकानदार का पक्ष सुनने के बाद उसे दोषी पाए जाने पर पांच लाख तक जुर्माना हो सकता है। नए फूड सेफ्टी एक्ट के मुताबिक सब स्टैंडर्ड उत्पाद बेचने पर कम से कम पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इधर, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एलडी ठाकुर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग खाद्य वस्तुओं में मिलावट किए जाने के प्रति गंभीर है। इसी कड़ी में गुड़ के सैंपल भरे गए थे। गुड़ के सैंपल लेबोरेटरी में जांच के दौरान फेल हुए हैं। अब विक्रेता और निर्माता के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाने के लिए मामला अदालत में ले जाया जा रहा है।
