
मैहतपुर (ऊना)। मैहतपुर के साथ लगती ग्राम पंचायत देहलां की हरिजन बस्ती में मंगलवार को उस वक्त लोगों में अफरा-तफरी मच गई, जब लोगों को अचानक उल्टियां तथा दस्त की शिकायत हुई। बीमारी की चपेट में आए मरीजों को फौरन स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद पाया कि सभी मरीजों में डायरिया के लक्षण हैं। उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। देहलां के सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डा. सुरेश शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पीएचसी में दो दर्जन के करीब मरीज जांच को लाए गए, लेकिन निजी क्लीनिकों में जांच को पहुंचे मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए लोगों ने बताया कि आंकड़ा दो सौ तक पहुुंच चुका था। बताया जाता है कि गांव की हरिजन बस्ती को सप्लाई होने वाले पेयजल में कुछ ऐसे खतरनाक बैक्टरिया मिले होने का अंदेशा जताया गया है। इस वजह से लोगों को अचानक इस भयानक बीमारी ने जद में ले लिया। सूत्रों ने बताया कि मरीजों को जो भी डाक्टर अथवा क्लीनिक नजर आया, लोग वहां अपना इलाज करवाने दौड़ पड़े। डा. सुरेश शर्मा के मुताबिक डायरिया के लक्षणों के चलते मरीजों का उपचार तुरंत प्रभाव से शुरू कर दिया गया है और बीमारी को फैलने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया ज्यादातर मरीज खतरे से बाहर हैं। संबंधित रिपोर्ट सीएमओ ऊना को भी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि आईपीएच विभाग को दिन में दो समय दवाई डालकर पेयजल सप्लाई करने को भी कहा गया है।
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देहलां में फैले डायरिया के चलते डा. सुरेश शर्मा ने देहलां समेत क्षेत्र के अन्य लोगों को भी हिदायतें देते हुए कहा कि बरसात के मौसम में पानी को उबाल कर पीना चाहिए। उन्होंने कहा कि आसपास के वातावरण को साफ बनाए रखना जरूरी है। खासतौर पर गंदे एवं प्रदूषित पेयजल के उपयोग से यह बीमारी फैलती है।
