नहीं खत्म हो रहा डैपुटेशन पीरियड

चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा से चंडीगढ़ आए डॉक्टर्स का डैपुटेशन पीरियड खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। बीस सालों से भी ज्यादा लंबे डैपुटेशन पीरियड पर नियुक्त डॉक्टर्स की वजह से चंडीगढ़ में न तो डॉक्टर्स का नया पैनल आ रहा है और न ही नई नियुक्तियां की जा रही हैं।

चंडीगढ़ के अस्पताल, हैल्थ सैंटर व डिस्पैंसरियों में पंजाब और हरियाणा से ही नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश और गोवा तक से डॉक्टर्स को डैपुटेशन पर बुलाया गया था। कुछ डॉक्टर्स तो सालों साल डैपुटेशन पर काम करते हुए रिटायर्ड भी हो गए और उन्हें अपने राज्य लौटने तक का मौका ही नसीब नहीं हुआ।

पंजाब से डैपुटेशन पर आए डॉक्टर्स

पंजाब से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के पद पर पांच डॉक्टर्स चंडीगढ़ के अस्पताल, हैल्थ सैंटर में कार्यरत हैं। यही नहीं चिकित्सा अधिकारी के पद पर करीब 50 डॉक्टर्स शहर के अस्पताल व चिकित्सा केंद्रों में नियुक्त हैं। जी.एम.एस.एच.सैक्टर-16 , डिस्पैंसरी, पॉलीक्लीनिक, ई.एस.आई. अस्पताल, हैल्थ सैंटर पर यह डॉक्टर्स वर्ष 1983 से डैपुटेशन पर आ रहे हैं।

हरियाणा से डैपुटेशन पर आए डॉक्टर्स

तीस से अधिक डॉक्टर्स चंडीगढ़ में हरियाणा से डैपुटेशन पर कार्यरत हैं। जी.एम.एस.एच.-16 के अलावा स्वास्थ्य के विभिन्न विंग की जिम्मेदारी भी डैपुटेशन पर आए डॉक्टर्स पर है। हरियाणा से वर्ष 1990 से डॉक्टर्स चंडीगढ़ में आकर काम कर रहे हैं और यही के होकर रह गए।

हिमाचल और गोवा से भी डैपुटेशन पर आए

चंडीगढ़ में वर्ष 2009 में पंजाब और हरियाणा के अलावा गोवा और हिमाचल प्रदेश से भी डॉक्टर्स डैपुटेशन पर बुलाए गए थे।

डैंटल सर्जन्स भी डैपुटेशन पर

वर्ष 1991 से चंडीगढ़ में डैंटल सर्जन भी पंजाब व हरियाणा से मंगवाए गए। सात डैंटल सर्जन पंजाब और पांच डैंटल सर्जन हरियाणा से आए।

रखे गए 14 नए डॉक्टर्स

चंडीगढ़ में नैशनल रूरल हैल्थ मिशन के तहत 14 नए डॉक्टर्स की नियुक्ति की गई है। मिशन में 17 नए डॉक्टर्स की भर्ती के लिए साक्षात्कार आयोजित किए गए थे। इससे पहले 26 डॉक्टर्स की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार और परीक्षा आयोजित की गई थी और उसके लिए भी सिर्फ 14 डॉक्टर ही पहुंचे थे। सभी डॉक्टर्स को चंडीगढ़ प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्त कर लिया है।

डॉक्टर्स को न साक्षात्कार में फेल किया गया और न ही परीक्षा में अनुत्तीर्ण। कार्यकारी स्वास्थ्य सेवा निर्देशक डॉ. राजीव वढेरा ने कहा कि एन.आर.एच.एम में निुयक्ति के लिए डॉक्टर्स ही कम आए थे।

चंडीगढ़ प्रशासन की सयुक्त वित सचिव गुरप्रीत कौर सपरा का कहना है कि मेरी जानकारी में ही नहीं है कि चंडीगढ़ के अस्पतालों व डिस्पैंसरियों में डॉक्टर्स भी डैपुटेशन पर काम कर रहे हैं। पहले मैं खुद इसकी जानकारी हासिल करूंगी उसके बाद ही कुछ कह सकूंगी। यह भी जानना मेरे लिए जरूरी है कि पंजाब व हरियाणा के अलावा गोवा से भी डॉक्टर्स को डैपुटेशन पर बुलाया गया है।

जी.एम.एस.एच-16 व कार्यकारी स्वास्थय निर्देशक डॉ.राजीव वढेरा का कहना है कि डैपयुटेशन पर आए डॉक्टर्स को वापिस भेज दिया तो यहां के अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले रोगियों का क्या होगा। चंडीगढ़ खुद डॉक्टर्स की भर्तियां अगर नहीं करता है और पंजाब व हरियाणा से डॉक्टर्सको बुलाता है तो क्या किया जा सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन अगर नियुक्तियां करना शुरू कर दे तो यह समस्या क्यों उत्पन्न होगी।

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