आतंकी से पुलिस जानेगी आरडीएक्स का राज

नई दिल्ली। स्पेशल सेल ने आतंकी टुंडा को पटियाला हाउस कोर्ट में मंगलवार को पेश कर चार दिन का रिमांड और ले लिया है। हालांकि, पुलिस ने दस दिन का रिमांड मांगा था। रिमांड के दौरान पुलिस टुंडा को आरडीएक्स मिलने वाले एक स्थान पर लेकर जाएगी।
टुंडा का तीन दिन का रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने मंगलवार को उसे ड्यूटी एमएम जय थरेजा के सामने पेश किया। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी राजीव मोहन ने कहा कि आरोपी ने कई खुलासे किए हैं। इनकी पुष्टि और छानबीन के लिए दस दिन का रिमांड और चाहिए। वहीं, टुंडा ने कहा कि वह मदरसे में कुरान और जेहाद के बारे में पढ़ाता था। जेहाद का मतलब बेगुनाह लोगों की हत्या करना नहीं है। उसका धमाकों से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस ने आवेदन में कहा कि आरोपी नब्बे के दशक में उत्तर भारत में हुए आतंकी हमलों में शामिल रहा है। वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, पानीपत, लुधियाना, दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में 1997 में 37 धमाके किए गए थे। इनमें 20 धमाके केवल दिल्ली में हुए थे। इनमें 17 लोगों की जान गई थी और 281 लोग घायल हुए थे। कर्मपुरा धमाके के सिलसिले में 1998 में गिरफ्तार मो. हुसैन उर्फ जुल्फिकार ने भी टुंडा का नाम लिया था। अभियोजन अधिकारी ने कहा कि मालवीय नगर से जुड़े मुकदमा संख्या 46/94 में गिरफ्तार आरोपियों अहमद हुसैन और मती उर रहमान से 150 किलो आरडीएक्स बरामद हुआ था। उन दोनों ने कहा था कि टुंडा ने उन्हें आरडीएक्स दिया था। यह आरडीएक्स टुंडा ने कहां और किससे लिया, इसकी जांच के लिए उसे कई जगह जांच के लिए लेकर जाना है। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि पहले पुलिस टुंडा को एक जगह लेकर जाए और पूछताछ का नतीजा बताइए। उसके आधार पर अदालत से आरोपी का दोबारा रिमांड लिया जा सकता है।

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