
नई दिल्ली। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर इकबाल काना भारत में नकली नोटों की सप्लाई कर रहा है। टुंडा ने यह भी खुलासा किया है कि आईएसआई का एक ब्रिगेडियर नकली भारतीय करेंसी बैगों में भरकर इकबाल काना को देता था। पाकिस्तान के इस्लामाबाद और पेशावर में नकली भारतीय नोट छप रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इकबाल काना भारत तक नकली नोट पहुंचाने और इन्हें सप्लाई करने के लिए टुंडा के नेटवर्क का प्रयोग करता था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) एमएम ओबराय ने बताया कि टुंडा ने खुलासा किया है कि पाक में बैठा इकबाल काना जाली करेंसी का सबसे बड़ा डीलर है। टुंडा ने जाली करेंसी देने वाले ब्रिगेडियर के बारे में भी बताया है। ब्रिगेडियर के साथ एक-दो लोग और भी हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस ने ब्रिगेडियर का नाम नहीं बताया। इकबाल टुंडा के नेटवर्क का प्रयोग कर बांग्लादेश के रास्ते भारत में जाली करेंसी भिजवाता था। वर्ष 2005 में टुंडा जाली करेंसी के धंधे से जुड़ गया था। पुलिस अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि काना करोड़ों रुपये की जाली करेंसी भारत में खपवा चुका है।
जरूरत के हिसाब से मिलती थी पेमेंट
टुंडा ने यह तो खुलासा नहीं किया कि उसे नकली नोट सप्लाई करने की एवज में कितनी रकम मिलती थी लेकिन उसने बताया कि उसे जितनी रकम जरूरत होती थी, मिल जाती थी। यह एक लाख, दस लाख और 20 लाख कुछ भी हो सकती है। हालांकि, पुलिस इस ख्ुालासे पर कम ही विश्वास कर रही है। वहीं, स्पेशल सेल उससे पूछताछ कर रही है कि जाली करेंसी मामले में टुंडा अंडरवर्ल्ड डॉन से कैसे जुड़ा हुआ था और क्या दाऊद भी नकली नोटों की सप्लाई के लिए टुंडा के नेटवर्क का प्रयोग करता था।
इकबाल हसन के जरिए करता था कारोबार
टुंडा ने खुलासा किया है कि इकबाल काना पाकिस्तान में हसन नाम के व्यक्ति के साथ जाली करेंसी का गोरखधंधा कर रहा था। इकबाल जाली करेंसी के लिए टुंडा के घर का इस्तेमाल करता था। दिल्ली पुलिस ने जनवरी 2012 में सवा दो करोड़ रुपये के जाली नोट पकड़ेे थे। उस दौरान हसन और टुंडा का नाम सामने आया था।
