
गोपेश्वर। जिला आपदा प्रबंधन विभाग और नेहरू युवा केंद्र की पहल पर आपदा प्रबंधन और न्यूनीकरण पर गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि आपदा प्राकृतिक कम और मानवकृत अधिक है। इससे सबक लेते हुए अनियंत्रित निर्माण और नदियों पर बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि दैवी आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन इनके प्रभाव को कम किया जा सकता है।
नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक डा. योगेश धस्माना ने कहा कि मध्य हिमालय का यह क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से जोन फाइव में है, जो भूकंप, बाढ़, भूस्खलन और अग्निकांड की घटनाओं से अति संवेदनशील है। लोगों को प्रकृति के अनुरूप जीवन शैली को अपनाकर आपदा के प्रभाव को कम करने के प्रयास करने चाहिए। इस मौके पर प्राचार्य डा. डीसी नैनवाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी, अर्थशास्त्री प्रो. एनएस बिष्ट, चक्रधर तिवारी, ज्ञानेंद्र खंतवाल, चंद्र बल्लभ पुरोहित, हरीश मैखुरी, बीसी तिवारी मौजूद थे।
