
शिमला। हिमाचल में सस्ती दवाओं को पाने के लिए आम लोगों का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। 348 तरह की दवाओं के मूल्य अभी नहीं घटेंगे। भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्युटिकल्स विभाग ने दवा निर्माताओं को फिलहाल मोहलत दे दी है। केंद्र की ओर से ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ) को लागू करने के लिए दवा कंपनियों को 45 दिन की मियाद दी थी। अब इसे 30 दिन और बढ़ा दिया गया है। इसके बाद बीच पुरानी दवाओं के रेट स्टीकर लगाकर बदलने होंगे या फिर नया स्टॉक उतारना होगा।
ये मूल्य जीवनरक्षक, एंटीबायोटिक से लेकर लगभग हर तरह की दवाओं के घटाए जा रहे हैं। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथारिटी ने इनका मूल्य निर्धारण किया है। कई दवाओं के दाम तो 60 से लेकर 80 प्रतिशत तक भी घटाए गए हैं। डीपीसीओ 15 मई को निकाला गया। बाद में अलग-अलग दवाओं के लिए भिन्न-भिन्न तिथियों से सीलिंग प्राइस अधिसूचनाएं निकाली गईं। 14 जून को 151 दवाओं, 21 जून को 26, 28 जून को 51, 5 जुलाई को 25 और 22 जुलाई को 26 दवाओं को लेकर अधिसूचनाएं निकाली गईं। इन तिथियों के बाद फार्मा कंपनियों को नए मूल्य से दवाएं बेचने की तैयारी को 45 दिन का समय दिया गया। कई कंपनियों की यह मियाद खत्म हो गई है। नए आदेश की अनुपालना न करने वाली दवा कंपनियों को जुर्माना लगाकर दंडित करने का प्रावधान है। फार्मा कंपनियों के दबाव के बीच ही केंद्र सरकार ने अब इन्हें 45 दिन की अवधि खत्म होने के बाद 30 और दिन का समय दिया है। 151 दवाओं को लेकर तो यह अवधि 29 जुलाई को ही खत्म हो चुकी थी। अब यह 28 अगस्त तक बढ़ी है, तो बाकी कुछ दवाओं को लेकर यह अंतिम तिथि अक्तूबर तक बढ़ गई है।
इस तरह तय हुए सीलिंग प्राइस
दवा मात्रा सीलिंग प्राइस
एमोक्सीलिन 250 एमजी एक कैप्सूल 2.76 रुपये
एजिथ्रोमाइसिन 100 एमजी एक टैबलेट 5.13 रुपये
ऑफ्लोक्सेसिन 100 एमजी एक टैबलेट 3.30 रुपये
सिफालेक्सिन 250 एमजी एक कैप्सूल 5.25 रुपये
सेट्रिजिन 10 एमजी एक टैबलेट 1.81 रुपये
सेट्रिजिन सिरप 5 एमजी/एमएल एक एमएल 0.54 रुपये
ओक्सीटोसिन इंजेक्शंस 5 एमएल एक एमएल 16.23 रुपये
‘केंद्र से सस्ती दवाओं को लेकर एक महीने की अवधि बढ़ने का सर्कुलर जारी होने की सूचना मिली है। हमें जो आदेश होंगे, उसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा।’
-नवनीत मरवाह, दवा नियंत्रक, हिमाचल प्रदेश
