
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। पहाड़ों से जंग लड़ना सीख लिया लेकिन जान की परवाह नहीं। यहां बात किसी पर्वतारोही की नहीं बल्कि सीमा सड़क संगठन के जवानों की हो रही है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र लाहौल घाटी में सीमा सड़क संगठन ने सड़क चौड़ाई के कार्यों को युद्ध स्तर पर छेड़ रखा है। कहीं मिट्टी की कटाई जोरों पर है तो कहीं पहाड़ों का सीना काटा जा रहा है। लेकिन इस काम में जुटे कुछ जवान बार-बार की हिदायत के बावजूद हेलमेट का इस्तेमाल नहीं कर रहे। अब बीआरओ ने फरमान जारी किया है कि हेलमेट न पहनने वाले मजदूरों की दिहाड़ी काटी जाएगी।
तांदी-संसारी नाला सड़क मार्ग पर थिरोट से करीब तीन किलोमीटर पीछे उदयपुर की तरफ चट्टानों को ब्लास्ट कर सड़क की चौड़ाई का कार्य जोरों पर है। लेकिन चट्टानों के बीच कार्य करने वाले यह मजदूर अपनी जान की परवाह किए बिना बेखौफ सुरक्षा को पहने बगैर काम कर रहे हैं। हालांकि सीमा सड़क संगठन ने इस बीच कार्य करने वाले मजदूरों के लिए हेलमेट की व्यवस्था कर रखी है। लेकिन कुछ मजदूर इनका इस्तेमाल नहीं करते। एक छोटा सा पत्थर इन मजदूरों की मौत का कारण बन सकता है।
94 आरसीसी के कमांडिंग आफिसर संजय कुमार नरवाल ने बताया कि सड़क चौड़ाई में चट्टानों के बीच काम कर रहे सभी मजदूरों को हेलमेट मुहैया करवाया है। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर यह फैसला लिया है। काम करने वाला कोई भी मजदूर बिना हेलमेट के पकड़ा जाता है तो उसकी मजदूरी काट दी जाएगी।
