
रोहडू। उपमंडल के अंतर्गत राजकीय उच्च स्कूल रनोल दो शिक्षकों के सहारे है। स्कूल में आवश्यक विषयों के शिक्षकों का अभाव है। इसके चलते बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। शिक्षा विभाग की अनदेखी का खामियाजा यहां के छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावकों को भी चिंता सताने लगी है। स्थानीय पंचायत ने भी मामले को कई बार उठाया लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकाला गया।
रलोन स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए आवश्यक विषयों के शिक्षक मौजूद नहीं हैं। स्कूल में करीब सत्तर छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्रों की शिक्षा मात्र दो शिक्षकों के भरोसे है। लंबे समय से रिक्त इन पदों को भरने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय पंचायत के नुमाइंदे भी कई बार शिक्षकों के पदों को भरने की मांग उठा चुके हैं लेकिन विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा है। मजबूरन छात्रों को गांव से कई किलोमीटर दूर दूसरे स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने जाना पड़ रहा है। रनोल पंचायत के प्रधान प्रेम राम मेहता ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। स्कूल को मात्र दो शिक्षक संभाल रहे हैं जबकि छात्रों की संख्या सत्तर के करीब है। उन्होंने बताया कि पंचायत ने कई बार मामले को उठाया लेकिन अभी तक रिक्त पद नहीं भरे गए हैं। उन्होंने मांग की है कि स्कूल में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष यशपाल ने बताया कि मामले को प्रबंधन समिति की बैठक में उठाया गया है। शिक्षा विभाग को भी अवगत करवाया गया है। शीघ्र रिक्त भरने की संभावना है।
