
घनसाली (टिहरी)। शिक्षा विभाग के कारनामे भी निराले हैं। पहाड़ में कहीं एक ही विद्यालय में एक विषय के दो-दो शिक्षक हैं तो कहीं वर्षों से शिक्षकों का अकाल बना है। निस्वाली भाटगांव जूनियर हाईस्कूल में शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है। नौनिहालों का भविष्य बर्बाद न हो इसके लिए मजबूरन अभिभावकों को आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ रहा है। स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग पर सोमवार से अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अभिभावकों ने उच्चाधिकारियों पर जानबूझकर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती तक भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।
जूनियर हाईस्कूल निस्वाली भाटगांव में शिक्षकों के छह पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में विद्यालय में सिर्फ दो ही शिक्षक कार्यरत हैं। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है। गणित, विज्ञान, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं। पढ़ाई करने के लिए बच्चे प्रतिदिन स्कूल आते हैं लेकिन शिक्षक नहीं होने से बैरंग लौटते हैं। शिक्षकों की नियुक्ति की मांग पर 17 अगस्त से अभिभावक क्रमिक अनशन पर थे। सोमवार को अभिभावकों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। ग्राम प्रधान गोविंद लाल, बासवानंद लेखवार, सब्बल सिंह राणा, त्रेपन सिंह, नत्थी सिंह ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस मौके पर नरेश तिवारी, ध्यान सिंह, गब्बर सिंह, राजेंद्र भट्ट उपस्थित थे। खबर लिखे जाने तक शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी आंदोलित अभिभावकों से वार्ता के लिए विद्यालय नहीं पहुंचा था।
