मनरेगा में मिलेगा 150 दिन का रोजगार

कर्णप्रयाग। हर हाथ को रोजगार देने वाली केंद्र की महात्मा गांधी रोजगार योजना के तहत अब जिले में पंजीकृत जॉब कार्ड धारियों को 150 दिन का रोजगार और 142 रुपये प्रति दिन मजदूरी मिलेगी। पहले यह 100 दिन और 125 रुपये था।
पिछले जून में आई आपदा से जोशीमठ, थराली, देवाल, नारायणबगड़, कर्णप्रयाग ब्लाक खासे प्रभावित हुए हैं। यहां संपर्क मार्ग, पुलिया, पेयजल लाइनें, नहरें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनके पुनर्निर्माण के लिए मनरेगा को उपयुक्त मानकर इसके मानकों को शिथिल कर दिया गया।

जिले में मनरेगा का हाल
जिले के नौ ब्लाकों में 92 हजार जॉब कार्ड धारी पंजीकृत हैं, जिसमें आवंटित 42 करोड़ में विभाग अब तक 33 करोड़ खर्च करने की बात कह रहा है। जबकि आपदा के तहत मिले आठ करोड़ में प्रभावित छह ब्लाकों के लिए छह करोड़ आवंटित कर चुका है।

मानकों से मिलेगी निजात
जिला विकास अधिकारी मो. असलम के अनुसार मनरेगा की एमआईसी में सौ फीसदी की बाध्यता, सोशल ऑडिट और 60 प्रतिशत खर्च पर डिमांड दिए जाने को भी शिथिल कर दिया है, जबकि विभागीय स्तर पर फोटोग्राफी और ग्राम पंचायत के सामान्य प्रस्ताव पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अन्य विभाग की परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए संबंधित विभाग की एनओसी के बाद निर्माण कार्य किया जा सकता है।

मनरेगा में शिथिलता देकर ग्रामीण जनजीवन को पटरी पर लाने के कामों में तेजी आएगी। अब जरूरत जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को प्रस्ताव बनाकर विभाग को देने की है।
-राजेंद्र सगोई, प्रदेश महामंत्री प्रमुख संगठन

आपदा को देखते हुए सरकार ने मनरेगा के मानकों को शिथिल करते हुए पुनर्निर्माण की राह खोली है, जिसमें अब अतिरिक्त 50 दिन का रोजगार मिलेगा। जो इस शासनादेश के बाद चालू वित्तीय वर्ष तक रहेगा। अतिरिक्त रोजगार के लिए जिले से 99 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।

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