
नई दिल्ली। टुंडा उर्फ बम गुरू ने सबसे पहले पाइप बम बनाया था, जिसको चेक करने के दौरान उसका बायां हाथ उड़ गया था। टुंडा ने तीसरी शादी बांग्लादेश में की थी। तीसरी पत्नी से उसका सबसे छोटा बेटा तीन से साढ़े तीन वर्ष का है।
विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि टुंडा घर में सबसे बड़ा लड़का था। जब वह सातवीं कक्षा में था तब वर्ष 1954 में उसके पिता का देहांत हो गया था। इसके बाद उसकी मां ने उसे फूफा अब्दुल मजीद के पास किठौर (मेरठ) भेज दिया था। वहां अब्दुल मजीद ने उसे फैक्टरी में लगा दिया। जब दो साल बाद टुंडा की मां उससे मिलने मेरठ गई तो पता लगा कि उसके घर पैसे नहीं भेजे जा रहे हैं। इस पर मां उसे वापस पिलखुवा ले आई। फिर वह दिल्ली आया और डलाई का काम करने लगा। यहां छत्तालाल मियां में उसने चाचा के साथ कारपेंटर का काम सीखा। यहां से वह फिरोजाबाद चला गया। इसके बाद वह आगरा, इटारसी और खंडवा आदि जगहों पर गया और फिर वापस पिलखुवा आ गया। वर्ष 1964 में उसकी शादी जारीना से हाने के बाद वह मालवीय नगर में पत्नी के साथ किराए पर रहने लगा। 1964 में टुंडा अहमदाबाद चला गया और कपड़े खरीदकर बरेली और पिलखुवा आदि जगह सप्लाई करने लगा। यहां पर उसने स्क्रैप डीलर का भी काम किया। अहमदाबाद में टुंडा ने दूसरी शादी की। वर्ष 1985 में वह राजस्थान के टोंक में गया और अजीज के साथ बैठक की। टुंडा ने टोंक में ही पहला पाइप बम बनाया।
शादी पत्नी वर्ष जगह
पहली शादी जरीना 1964 दिल्ली
दूसरी शादी मुमताज 1984 अहमदाबाद
तीसरी शादी आसमां 1995 बांग्लादेश
