
सोलन/नालागढ़। इस बार रक्षाबंधन पर्व पर राखी किस समय और कब बांधी एवं बंधवाई जाए। इसको लेकर लोगों में तरह-तरह की मनोस्थिति बनी हुई है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मंगलवार को रक्षाबंधन पर्व पर राखी बांधने एवं बंधवाने का दिन में कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह 10:20 बजे से पूर्णिमा शुरू हो रही है और ठीक इसी समय भ्रदाकाल भी शुरू हो रहा है। शास्त्रों के मुताबिक भ्रदाकाल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है और इस दौरान किए गए काज को शुभ नहीं माना जाता है। भद्राकाल शाम 8:49 बजे तक चलेगा और उसके बाद से बुधवार सुबह 7:15 बजे तक ही राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। सनातन धर्म में प्रत्येक कार्य सूर्योदय से शुरू होते हैं, इसलिए बुधवार सुबह ही सूर्योदय के बाद राखी बांधना शुभ है।
रक्षाबंधन का सीधा संबंध पूर्णिमा से
रक्षाबंधन पर्व को लेकर लोगों में तरह तरह की शंकाएं पैदा हो गई हैं। रक्षाबंधन का सीधा संबंध पूर्णिमा से होता है लेकिन पूर्णिमा शुभारंभ साथ ही भद्राकाल शुरू हो रहा है जो कि रक्षाबंधन के लिए शुभ समय नहीं है। मंगलवार सुबह पूर्णिमा आरंभ होने के साथ ही भद्राकाल शुरू हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार भद्राकाल में किसी भी प्रकार का शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
बुधवार 7:15 के बाद भी बांधी जा सकती है राखी
पंडित ज्योतिष संस्थान नालागढ़ के ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन पर्व को लेकर इसलिए संशय बना हुआ है कि पूर्णिमा शुरू होने के साथ ठीक इसी समय भद्राकाल शुरू हो रहा है जो शाम 8:49 बजे तक रहेगा। उसके बाद बुधवार सुबह 7:15 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय है और 7:15 के बाद भी राखी बांधी जाए तो किसी प्रकार का इसमें दोष नहीं है।
