
शिमला। हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू हो रहा है। 30 अगस्त तक चलने वाले सत्र में सात बैठकें होंगी, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या इस बार भी माननीयों का वेतन बढ़ाने पर फैसला हो पाएगा? आमतौर पर विधानसभा में वेतन-भत्ते बढ़ाने के मसले बिना चर्चा के ही पास होते रहे हैं। लेकिन अप्रैल 2013 के बजट सत्र में विपक्ष के वाकआउट से नाराज मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ऐन वक्त पर विधेयक वापस ले लिए थे। इस कारण विधायकों, मुख्य संसदीय सचिवों, मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की सैलरी बढ़ते-बढ़ते रह गई थी। यह विधेयक अभी तक लंबित है और मानसून सत्र में दोबारा पेश किया जाना है।
कई विधायकों को ये चिंता खाए जा रही है कि इस बार भी आसार कुछ अच्छे नहीं है। भाजपा बारिश से हुई क्षति, महंगाई, डिपुओं में राशन-चीनी की कमी और विजिलेंस कार्रवाई पर सदन में चर्चा चाहती है। कथित बदला-बदली के खिलाफ 23 अगस्त को विधानसभा को घेरने का ऐलान भाजपा ने किया है। एचपीसीए और डा. राजीव बिंदल के खिलाफ केस चले हुए हैं। कांग्रेस चार्जशीट की जांच के बहाने कई अन्य भाजपा नेताओं के यहां विजिलेंस छापे पड़ रहे हैं। ऐसे में विपक्ष तलखी दिखाने के मूड में है। इधर, कांग्रेस सरकार मंत्रियों के लिए 26-26 लाख की कारें खरीदने के फैसले पर पहले ही आलोचना झेल रही है। ऐसे में माननीयों के वेतन-भत्ते बढ़ाने पर फैसला होगा, इस पर संशय है। भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सत्ती कहते हैं कि वेतन-भत्ते बढ़ाने या न बढ़ाने का फैसला सरकार को लेना है। हम जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज सदन के भीतर बुलंद करेंगे।
इनसेट-1
माननीयों का वर्तमान और प्रस्तावित वेतन
पद वर्तमान वेतन प्रस्तावित वेतन
मुख्यमंत्री 84 हजार 1.50 लाख रुपये
मंत्री 81 हजार 1.35 लाख रुपये
सीपीएस 77 हजार 1.30 लाख रुपये
विस अध्यक्ष 81 हजार 1.35 लाख रुपये
विस उपाध्यक्ष 77 हजार 1.30 लाख रुपये
विधायक 75 हजार 1.20 लाख रुपये
कोट
सरकार पूरी जिम्मेदारी से सदन चलाना चाहती है, इसलिए हर मसले पर चर्चा को तैयार है। जहां तक विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने का मसला है, इस बारे में फैसला सदन में आम सहमति से ही होगा। बजट सत्र में भी विपक्ष की सहमति से ही विधेयक सदन के बीच लाया गया था।
-मुकेश अग्निहोत्री, संसदीय कार्यमंत्री।
इनसेट-2 (फोटो सहित)
सुंदर सिंह वर्मा ही चलाएंगे मानसून सत्र
शिमला। विधानसभा सचिव के पद पर नए नाम का फैसला समय पर न होने के कारण इस बार मानसून सत्र विधानसभा कैडर के कार्यकारी सचिव सुंदर सिंह वर्मा ही चलाएंगे। राज्य सरकार पहले सेवारत न्यायाधीश को इस पद पर लगाना चाहती थी, लेकिन चयन पर सहमति नहीं बनी। इसके बाद आईएएस अधिकारी को यहां भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने तीन अफसरों का पैनल सरकार से मांगा। यह पैनल बन नहीं पाया, क्योंकि अफसरों की पहले ही कमी है। इसलिए अब वर्मा ही सत्र चलाएंगे। सुंदर सिंह वर्मा ने अक्तूबर 1983 में रिपोर्टर के तौर पर विधानसभा में ज्वाइन किया था।
इनसेट-3
आज रणनीति बनाएगी कांग्रेस और भाजपा
शिमला। विधानसभा के मानसून सत्र के लिए कांग्रेस और भाजपा विधायक दल मंगलवार को रणनीति बनाएंगे। कांग्रेस विधायक दल की बैठक 20 अगस्त शाम 7.00 बजे विधानसभा परिसर के रूलिंग लॉज में होगी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करेंगे। बैठक में मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव और विधायक शामिल होंगे। दूसरी ओर भाजपा विधायक दल की बैठक मंगलवार शाम 6 बजे होटल पीटरहॉफ शिमला में होगी। विधायक दल के मुख्य सचेतक विधायक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल करेंगे। बैठक में प्रदेश प्रभारी बलबीर पुंज भी उपस्थित रहेंगे।
