
जीरकपुर: राज्य में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल द्वारा बीते वर्ष दिसम्बर में जीरकपुर को जल्द ही सब तहसील का दर्जा देने के ऐलान के बाद करीब आठ महीने बीत जाने के बाद भी जीरकपुर को सब-तहसील का दर्जा नहीं मिल सका। शहर को जल्द सब-तहसील का दर्जा मिलने के ऐलान पर शहरवासियों को राहत महसूस हुई थी, क्योंकि पहले उनको डेराबस्सी तहसील में कामकाज के लिए जाना पड़ता था, लेकिन इस काम में हो रही देरी के कारण उसमें मायूसी छाई हुई है।
उल्लेखनीय है कि इस समय शहर तथा आसपास के गांवों के लोगों को रजिस्ट्रियां तथा तहसील के अन्य कामकाज के लिए घग्गर पार डेराबस्सी तहसील में जाना पड़ता था, जहां पहले से ही काफी भीड़ लगी होने से उनको परेशानी उठानी पड़ती थी।
मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी : शर्मा
विधायक एन.के शर्मा ने कहा कि जीरकपुर सब तहसील का दर्जा मिलने का काम अंतिम चरण में है। स्थानीय प्रशासन की ओर से पूरा केस तैयार कर डिप्टी कमिश्नर के पास भेजा गया था, जिसके बाद माल विभाग से मंजूरी मिलने के बाद फाइल मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पास पहुंची तथा मुख्यमंत्री की ओर से इसको मंजूरी दे दी है।
उन्होंने दावा किया कि अब माल विभाग द्वारा इस प्रस्ताव को कैबिनेट मीटिंग में पेश किया जाएगा, जहां से मंजूरी मिल जाने के बाद जीरकपुर को सब तहसील का दर्जा मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समय जीरकपुर की आबादी डेढ़ लाख के करीब पहुंच चुकी है तथा शहर में बस तहसील खुल जाने से लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
18 दिसम्बर को किया था ऐलान
बीते वर्ष की 18 दिसम्बर को जीरकपुर में हुए एक समारोह में पहुंचे उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के आगे हलके के विधायक व मुख्य संसदीय सचिव एन.के शर्मा ने लोगों की इस समस्या को उठाते हुए जीरकपुर को सब तहसील का दर्जा देने की मांग की, जिसके बाद सुखबीर बादल ने एन.के शर्मा की मांग को पूरा करते हुए प्रशाशनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द ही इस संबंधी पूरी रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाए, ताकि इसको कैबिनेट में मंजूर करवाया जा सके, लेकिन इस ऐलान के बाद कई महीने बीत जाने के बावजूद जीरकपुर को सब तहसील का दर्जा नहीं मिल सका। योजना अनुसार जीरकपुर में पुलिस स्टेशन के सामने नगर परिषद द्वारा बनाई नई इमारत में ही सब तहसील को स्थापित किया जाना है।
34 गांव शामिल करने की योजना
एस.डी.एम. द्वारा तैयार की रिपोर्ट अनुसार जीरकपुर के 23 गांव जिनमें जीरकपुर समेत भबात, नगला, ढकौली, बलटाना, हिमंतगढ़, सताबगढ़, बिसनपुरा, रामगढ़ भुडा, गाजीपुर, किश्नपुरा, छत, बीड़ पीरमुछला, सनौली, दियालपुरा, नाभा, नरैणगढ़, लोहगढ़, सिंहपुरा, बिसनगढ़, पीरमुछला, सताबगढ़, आदि गांवों को जीरकपुर सब तहसील के साथ जोड़ा जाएगा, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भेजी रिपोर्ट के बाद डेराबस्सी के गांवों को जीरकपुर सब तहसील में शामिल करने का गांववासियों को ओर से सख्त विरोध किया गया, जिसके बाद एन.के शर्मा ने भरोसा दिया कि गांववासियों व पंचायतों की बिना सहमति से डेराबस्सी के गांवों को जीरकपुर सब तहसील के साथ नहीं जोड़ा जाएगा।
