
रानीखेत। पूर्व कबीना मंत्री एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि आपदा प्रबंधन के मामले में प्रदेश की बहुगुणा सरकार बुरी तरह से फेल रही है। आपदा राहत के लिए जिन मदों से भी धनराशि मिल रही है प्रदेश सरकार को उसका हिसाब जनता को देना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में श्री पंत ने कहा कि सेना नहीं होती तो आपदा में और जनहानि हो सकती थी। सरकार को आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए रिक्त पदों को आउट सोर्सिंग के माध्यम से भरना चाहिए। प्रभावितों के विस्थापन के लिए सरकार को माफियाओं को दी गई जमीन तलाशनी होगी और प्रदेश में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना होगा। इसके अलावा आपदा प्रभावितों के लिए जिन माध्यमों से प्रदेश सरकार को राहत धनराशि मिल रही है उसका विवरण जनता के सम्मुख रखना चाहिए। उन्होंने काश्तकारों और व्यवसायियों को ऋण माफ करने की मांग भी उठाई। श्री पंत ने कहा कुमाऊं और गढ़वाल के लगभग सभी जिलों में आपदा से भारी नुकसान हुआ है, सरकार को सभी जिलों को राहत देनी चाहिए। श्री पंत ने कहा कि आपदा के कारण वाणिज्य कर के त्रैमासिक रिटर्न के फार्म पहले की तरह ही जमा कराने होंगे। रिटर्न भरने की अंतिम तिथि भी बढ़ानी होगी। आपदा को देखते हुए नई प्रणाली लागू नहीं होनी चाहिए। उनके साथ जिलाध्यक्ष मदन माहरा, पूर्व दर्जा मंत्री रवि अग्रवाल, मीडिया सलाहकार राजेंद्र जसवाल, साहेब खान, रोहित शर्मा, दर्शन बिष्ट सहित तमाम लोग मौजूद थे।
