
ऊना। जिले के सात कालेजों में 22 सीटें हासिल कर एनएसयूआई ने अपना परचम लहरा दिया है। पिछले साल ऊना कालेज में एनएसयूआई को हार का मुंह दिखाने वाली एबीवीपी मात्र चार सीटों तक सिमट गई है, जबकि जिले के एक कालेज में अपने बलबूते पर पैनल उतारने वाली एसएफआई को वहां हार का मुंह देखना पड़ा है। भटोली में एनएसयूआई के साथ मिलकर चुनाव लड़ने से उसे संजीवनी मिल गई है, जहां उसे दो सीटें मिल गई हैं। एनएसयूआई ने ऊना कालेज, दौलतपुर चौक, अंब, बीटन में चार-चार, बंगाणा में एक, चिंतपूर्णी कालेज में तीन सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं एबीवीपी को बंगाणा कालेज में तीन और चिंतपूर्णी में एक सीट ही प्राप्त हुई। इसी प्रकार एसएफआई को एनएसयूआई से हाथ मिलाने पर भटोली में दो सीटें मिली हैं। चुनावों में जिले के अहम कालेजों ऊना, भटोली एवं दौलतपुर चौक कालेज ने पूरे-पूरे पैनल जीतकर एनएसयूआई को नंबर वन पर लाने में खासी मदद की है, जहां पिछले वर्ष एनएसयूआई को विभिन्न कालेजों में हार का मुंह देखना पड़ा था। कई स्थानों पर इस संगठन को इक्का-दुक्का सीटें हासिल कर ही संतोष करना पड़ा था, लेकिन इस वर्ष एनएसयूआई ने जोरदार कम बैक करते हुए अन्य संगठनों को चित्त कर दिया है। एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष अर्जुन राणा ने संगठन की जीत को छात्र शक्ति और कार्यकर्ताओं की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता दिन रात चुनावों की तैयारियों में जुटे रहे।
