
मंडी। छात्र संघ के चुनाव में मंडी जिले में एबीवीपी का दबदबा होने के बावजूद एनएसयूआई ने भगवा किले पर जीत का परचम फहराया है। प्रदेश के सबसे पुराने और जिले के सबसे बड़े वल्लभ महाविद्यालय में करीब एक दशक बाद एबीवीपी का तिलिस्म टूटा है। एसएफआई ने सरकाघाट, जोगिंद्रनगर और करसोग में वापसी की है। एनएसयूआई को मंडी कालेज और नारला कालेज पधर में ही जीत नसीब हुई। हालांकि, एबीवीपी ने एमएलएसएम कालेज सुंदरनगर में जीत दर्ज कर वापसी की है। बासा, धर्मपुर, लंबाथाच और संस्कृत कालेज सुंदरनगर में भगवा फहराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन वल्लभ कालेज में एक दशक से एबीवीपी ने लाल दुर्ग को ध्वस्त कर भगवा परचम फहरा रखा था। एनएसयूआई ने एबीवीपी का यहां मात दी है। इधर, एसएफआई छात्र संसद के चुनाव में लगातार पिछड़ती जा रही थी। एनएसयूआई भी बार-बार मुकाबले पर आकर मात खा रही थी। मगर इस बार प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही मंडी कालेज में एनएसयूआई ने जीत का परचम फहराया है। मंडी में अध्यक्ष, महासचिव और सह सचिव पद पर एनएसयूआई और उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की। नारला कालेज में एनएसयूआई का पूरा पैनल जीता है। एसएफआई ने अपने परंपरागत गढ़ सरकाघाट कालेज में लाल परचम फहराया है। जोगिंद्रनगर और करसोग में भी एसएफआई ने जीत हासिल की है। मंडी कालेज में एनएसयूआई की जीत दर्ज करने पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर और ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा ने बधाई दी। दोनों मंत्रियों ने एनएसयूआई के जीत के जश्न में भी शिरकत की।
