मंड क्षेत्र में हालात जस के तस

नूरपुर (कांगड़ा)। मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते पौंग बांध से निचले इलाकों में पानी छोड़ने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। हालांकि, शनिवार को पौंग बांध में पानी की आमद में कमी के चलते फ्लड गेट 3.7 फुट से घटाकर 1.91 फुट कर दिए गए। जबकि टरबाइनों व फ्लड गेटों के माध्यम से तकरीबन 29955 पानी छोड़ा गया।
इसके चलते पौंग बांध में 37095 क्यूसिक पानी की आवक के साथ पानी का स्तर 1381.64 फुट तक पहुंच गया, जो फिलहाल खतरे के निशान से 8.36 फुट दूर है। पिछले साल इसी दिन 29281 क्यूसिक पानी की आमद के साथ पौंग का जलस्तर 1329.67 फुट दर्ज किया गया था, जो पौंग बांध के मौजूदा जलस्तर से लगभग 52 फुट ज्यादा है। जबकि बीते एक माह में बांध के जलस्तर में 38.5 फुट की बढ़ोतरी दर्ज गई है। हालांकि, पौंग बांध में 1390 फुट के जलस्तर को खतरे का निशान माना जाता है। बावजूद इसके बीबीएमबी ने बीते सप्ताह भारी बरसात के चलते जलस्तर फ्लड गेटों तक पहुंचते ही पौंग से पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू कर दिया था। हालांकि, बुधवार को बारिश थमते ही बीबीएमबी ने डैम के फ्लड गेट बंद कर दिए थे, लेकिन वीरवार को मूसलाधार बरसात के बाद एक बार फिर बांध के फ्लड गेट खोल दिए गए। इससे पहले बीबीएमबी पौंग का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने की सूरत में ही ब्यास दरिया से निचले क्षेत्रों में पानी छोेड़ता रहा है। लेकिन इस मर्तबा ब्यास बेसिन (कैचमेंट एरिया) और धौलाधार की पहाड़ियों में हो रही भारी बारिश के कारण बीबीएमबी पौंग बांध से पानी की निकासी को लेकर खासी सतर्कता बरत रहा है और आने वाले दिनों में मौसम का यही मिजाज रहा तो फ्लड गेट और ऊपर भी उठाए जा सकते हैं। बीबीएमबी के अधिकारियों की मानें तो पौंग बांध के फ्लड गेटों का बंद होना या ऊपर उठना मौसम के रुख पर निर्भर करेगा।

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