
रामपुर बुशहर। पीजी कालेज रामपुर में केंद्रीय छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई ने चारों सीटें जीतकर तेरह साल बाद एसएफआई के वर्चस्व को तोड़ा है। कांग्रेस के इस गढ़ में एसएफआई ने एनएसयूआई की परेशानी बढ़ा रखी थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कालेज में दूसरे पायदान पर रही है।
रामपुर कालेज में वर्ष 2000 से 2012 तक हुए केंद्रीय छात्रसंघ चुनावों में एसएफआई का दबदबा रहा। वर्ष 2003 और 2004 के चुनावों में एसएफआई ने अन्य संगठनों को चारों खाने चित कर क्लीन स्वीप किया। अन्य चुनावों में भी एसएफआई केा बेहतर प्रदर्शन रहा थी। कांग्रेस के इस गढ़ में एनएसयूआई ने बड़ी जीत हासिल करने के लिए काफी मशक्कत की, लेकिन एसएफआई ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। वर्ष 2000 से 2012 के बीच हुए चुनावों में यहां एनएसयूआई सिर्फ अधिकतम तीन सीटें ही जीत पाई थीं, लेकिन इस बार एनएसयूआई ने चारों सीटें जीतकर पहली बार कांग्रेस के गढ़ में अपनी लाज बचाई और इसके साथ ही एसएफआई के वर्चस्व को भी तोड़ दिया। एसएफआई इस चुनाव में तीसरे स्थान पर जा पहुंची है। इधर, एक बार क्लीन स्वीप करने वाली एबीवीपी ने सुधार करते हुए कालेज में दूसरे स्थान पर जगह बनाई है। पिछले चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एक सीट भी नहीं जीत पाई थी। वर्ष 2012 के चुनाव में तीन सीटों पर एसएफआई और एक सीट एनएसयूआई को मिली थी।
