
बागेश्वर। राजकीय महाविद्यालय में कार्यरत संविदा प्रवक्ताओं ने तदर्थ नियुक्ति की मांग शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में इन पदों को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर रखने की मांग की गई।
ज्ञापन में प्रवक्ताओं का कहना है कि राज्य निर्माण के बाद विभिन्न शासनादेशों के तहत 2001 से 2010 तक राजकीय महाविद्यालयों में संविदा पर प्रवक्ताओ की तैनाती हुई। सभी प्रवक्ताआें को यूजीसी के मानकों के अनुसार तैनाती दी गई। जिसमें से 2001 में 102 प्रवक्ताओं का विनियमितिकरण किया गया। लेकिन शेष 425 शिक्षकों की आज तक सुनवाई नहीं हो सकी है। सभी पद वित्त विभाग की सहमति से सृजित हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर संविदा प्रवक्ता पर्वतीय क्षेत्रों के स्थायी निवासी हैं। वह पिछले कई वर्षों से पूरे मनोयोग से सेवा दे रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में डा. नरेश कुमार, डा. धनन्जय शर्मा, डा. पारूल भारद्वाज, डा. कुलदीप रस्तोगी, डा. हेमलता, डा. दीपमाला, भगवती नेगी, डा. नेहा पालनी, डा. हेम दुबे, डा. अवधेश तिवारी, डा. पवन कुमार झा, डा. ममता सुयाल, डा. मनोज, डा. नागेंद्र पाल, डा. दीपाली कनवाल आदि शामिल हैं।
