
पिथौरागढ़। राज्यसभा सांसद महेंद्र सिंह माहरा ने राज्यसभा में चीन बार्डर तक सड़क न पहुंचाने पर गंभीर सवाल उठाया है। सांसद ने चीन के ल्हासा तक रेल पहुंचाने की बात उठाते हुए सीमा सड़क संगठन पर भी निशाना साधा है।
सांसद ने 13 अगस्त को राज्यसभा में देश की उत्तरी सीमा लद्दाख में चीनी घुसपैठ का सवाल उठाते हुए कहा कहा कि इस तरह की घटना कभी भी उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भी घट सकती है। चीन सीमा से लगे पिथौरागढ़ के लिपुपास तक सड़क न होने से दिक्कत और बढ़ जाएगी। उन्होंने सरकार को बताया कि वर्ष 1963 से अब तक 258 किमी सड़क पूरी नहीं की जा सकी है। सीमा सड़क संगठन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के स्थान पर सरकारी मशीनरी को दोष दे रहा है। बीआरओ वन भूमि निस्तारण और निर्माण सामग्री न मिलने की बात कहता है। वन अधिनियम 1980 में लागू हुआ, उस समय तक निर्माण सामग्री की कोई कमी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र की सड़क निर्माण में लापरवाही भविष्य के खतरों से मुंह मोड़ना है। बीआरओ वर्ष 2019 तक चीन सीमा तक सड़क पहुंचाने की बात करता है, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने रक्षामंत्री से चीन सीमा तक सड़क निर्माण के लिए बीआरओ को सख्त आदेश देेने की मांग सदन में की।
