
हमीरपुर। छात्र संघ चुनावों में एबीवीपी को प्रधान पद पर नुकसान झेलना पड़ सकता है। एनएसयूआई में प्रधान पद की उम्मीदवार एबीवीपी की सक्रिय कार्यकर्त्ता रह चुकी है। एनएसयूआई की परिषद में सीधी सेंध होगी। ऐसे में एसएफआई दोनों की टक्कर में फायदा लेने की फिराक में है। शेष तीन पदों पर एसएफआई और एबीवीपी में कांटे की टक्कर होगी।
राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में तीनों छात्र संगठन चुनावों को लेकर सक्रिय हैं। तीनों छात्र संगठनों के योद्धा चुनाव मैदान में हैं। गत वर्ष छात्र संघ चुनावों में विद्यार्थी परिषद ने चारों सीटों पर भगवा लहराया था। ऐसे में अब छात्र संघ चुनावों में एबीवीपी के लिए अपनी लाज बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
एबीवीपी की सक्रिय कार्यकर्त्ता एनएसयूआई से प्रधान पद पर चुनाव लड़ रही है। एबीवीपी में भी प्रधान पद की उम्मीदवार छात्रा है। एसएफआई दोनों छात्र संगठनों की टक्कर में अपनी प्रधान पद की सीट निकालने की फिराक में है। इसके अलावा उपप्रधान, महासचिव, संयुक्त सचिव के पद पर एसएफआई और एबीवीपी में कांटे की टक्कर होगी।
उधर, एबीवीपी के कैंपस अध्यक्ष तेन सिंह ने माना है कि एनएसयूआई की प्रधान पद की उम्मीदवार परिषद की कार्यकर्त्ता रह चुकी है। परिषद को कोई नुकसान नहीं होगा। एनएसयूआई के कैैंपस अध्यक्ष सन्नी कुमार का कहना है कि इस बार सीएससीए में एनएसयूआई का उम्मीदवार होगा। एसएफआई के कैंपस अध्यक्ष कपिल का कहना है कि प्रधान पद की सीट पर एसएफआई रिकार्ड जीत दर्ज करेगी।
