आजादी के दिन परीक्षा देने स्कूल पहुंचे छात्र

बड़सर (हमीरपुर)। देश की आजादी के 66 वर्ष पूरे होने पर बच्चे हर्षोउल्लास से स्वतंत्रता दिवस मना रहे थे लेकिन जिला हमीरपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दांदड़ू के बच्चों को परीक्षा देने को विवश होना पड़ा। स्कूल प्रधानाचार्य के आदेश ने बच्चों की समस्त इच्छाओं को दबाने पर विवश कर दिया।
स्कूल प्रधानाचार्य के आदेशों के चलते बच्चों के साथ-साथ अध्यापकों को भी परीक्षा ड्यूटी देने को मजबूर होना पड़ा। भारी बारिश के दौरान बच्चों को परीक्षा के लिए असुरक्षित घोषित भवन के कमरों में बैठाया गया। मिड डे मील असुरक्षित भवन के बरामदे में खिलाया गया। लापरवाही ने सरकार, शिक्षा विभाग के आदेशों तक की परवाह तक नहीं की। जबकि पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समिति, अभिभावकों ने पुरजोर विरोध किया। शिक्षा विभाग ने स्वतंत्रता दिवस मनाने के निर्देश तो दिए थे लेकिन परीक्षा का आयोजन सही नहीं कहा जा सकता।
अभिभावकों का कहना है कि भारी बारिश में असुरक्षित भवन के गिरने से बड़ा हादसा हो जाता तो इसके बाद प्रशासन के जागने को कोई लाभ होने वाला नहीं। अभिभावकों ने प्रधानाचार्य की मनमर्जी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने की मांग की।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों संजीव कुमार, स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष पुष्पा देवी, चमन लाल, देश राज, उपप्रधान अशोक कुमार, रतन चंद, विशनदास, कांशी राम, दिनेश कुमार, सुखदेव, सुषमा देवी, सपना देवी, कांता देवी तथा सोहन लाल ने प्रधानाचार्य के रवैये का विरोध किया। रोष जताते हुए विभाग से कार्रवाई की मांग की।

क्या कहते हैं प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने मामले में टालमटोल करते हुए कहा कि बच्चों की परीक्षा पहले तय कर ली गई थी। बच्चों की स्वतंत्रता छीनना नहीं माना जा सकता। बताया कि लोक निर्माण विभाग को भवन गिराने को लिखा है। असुरक्षित भवन अचानक गिरने वाला नहीं है। हमने भवन के पास नहीं जाने का नोटिस बोर्ड लगाया था। शायद किसी ने हटा दिया होगा।

क्या कहते हैं प्रतिनिधि और विभाग
दांदड़ू पंचायत प्रधान जोगिंद्री देवी ने कहा कि अभिभावकों के आग्रह पर प्रधानाचार्य को छुट्टी रखने का आग्रह किया था लेकिन प्रधानाचार्य ने बात नहीं सुनी। उन्होंने प्रधानाचार्य को अनसेफ भवन को गिराने के लिए कई बार कहा है लेकिन प्रधानाचार्य अपनी मनमानी करते हैं।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के ग्रेड वन अधीक्षक मथुरा दास ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के दिन बच्चों की परीक्षा नहीं ली जा सकती। सांस्कृतिक कार्यक्रम करवा सकते थे। उन्होंने असुरक्षित भवन को नहीं गिराने के मामले में प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस दिया है लेकिन अभी जवाब नहीं आया है।

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